✕
समर्थ्यानुसार समाज सेवा अनिवार्य ; नागपुर में बोले मोहन भागवत
By EditorialPublished on
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ की प्रेरणा स्वार्थ से नहीं, बल्कि सेवा और परोपकार से आती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वयंसेवक केवल अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए कार्य करते हैं। भागवत ने सेवा भावना को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि हर व्यक्ति को निस्वार्थ भाव से समाज की भलाई के लिए कार्य करना चाहिए।
_202503301324221439.jpg)
x
_202503301324221439.jpg)
नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने समाज सेवा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सामर्थ्य के अनुसार समाज में योगदान देना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवा का कार्य दया से नहीं, बल्कि प्रेम भाव से किया जाना चाहिए। भागवत ने स्वयंसेवकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वे अपने लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए कार्य करते हैं।
"संघ विचार की प्रेरणा स्वार्थ नहीं, परोपकार है" :
संघ प्रमुख ने कहा कि संघ विचार सेवा और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है, न कि स्वार्थ की। स्वयंसेवकों को समाज के लिए तन-मन-धन से कार्य करने की सीख दी जाती है। उन्होंने कहा, "ये समाज मेरा है, और इसके लिए हर व्यक्ति को जीवन में सेवा और परोपकार को अपनाना चाहिए।"
"स्वयंसेवकों को कष्ट सहने की प्रेरणा मिलती है, बदले में वे कुछ नहीं चाहते":
भागवत ने बताया कि संघ के विभिन्न सामाजिक कार्यों के तहत डेढ़ लाख से अधिक सेवा प्रकल्प चल रहे हैं, जिनके माध्यम से स्वयंसेवक समाज की भलाई के लिए निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि सेवा के कार्य दयाभाव से नहीं, बल्कि समाज के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना से किए जाते हैं।
"1 घंटा स्वयं का विकास, 23 घंटे समाज के लिए":
मोहन भागवत ने संघ के कार्यपद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वयंसेवक प्रतिदिन एक घंटा संघ की शाखा में आत्मविकास के लिए समर्पित करता है, और शेष 23 घंटे समाज की सेवा में लगाता है। उन्होंने इसे भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा बताया, जहां "एकांत में आत्मसाधना और लोकांत में परोपकार" का सूत्र अपनाया जाता है।
नागपुर में पीएम मोदी का दौरा :
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज नागपुर दौरे पर थे, जहां उन्होंने संघ मुख्यालय जाकर डॉ. हेडगेवार और गुरु गोलवलकर को श्रद्धांजलि दी। इसी कार्यक्रम में मोहन भागवत ने संघ की विचारधारा और समाज सेवा की आवश्यकता पर यह महत्वपूर्ण बयान दिया। पीएम मोदी ने नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की नई बिल्डिंग की आधारशिला भी रखी। संघ प्रमुख के इस बयान को सेवा और परोपकार के प्रति समर्पण की प्रेरणा माना जा रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम किया जा सके।

Editorial
Next Story
Related News
X
