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शेयर बाजार में भूचाल : ट्रंप के ऐलान से 7% टूटा टाटा मोटर्स; JLR पर भारी असर
By EditorialPublished on
27 मार्च को शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई, जिसमें शेयर मूल्य 7% लुढ़ककर ₹661 पर आ गया। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित कारों और हल्के ट्रकों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद आई है, जो 2 अप्रैल से लागू होगी। टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) के लिए अमेरिकी बाजार अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां इसकी बिक्री का बड़ा हिस्सा होता है। नए टैरिफ के प्रभाव से JLR की अमेरिकी बाजार में बिक्री प्रभावित होने की आशंका है, जिससे टाटा मोटर्स क
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भारतीय शेयर बाजार में 27 मार्च को ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां टाटा मोटर्स के शेयरों में 7% की गिरावट आई और यह ₹661 पर पहुंच गया। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आयातित वाहनों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद आई, जो 2 अप्रैल 2025 से लागू होगी।
JLR पर गहरा असर :
टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) के लिए अमेरिकी बाजार अत्यंत महत्वपूर्ण है। वित्तीय वर्ष 2024 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, JLR की कुल बिक्री में अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी 22% रही है। ऐसे में नए टैरिफ के लागू होने से JLR की बिक्री प्रभावित हो सकती है, जिससे टाटा मोटर्स के समग्र राजस्व पर दबाव बढ़ सकता है।
6 महीने में 30% और 52 सप्ताह में 43% की गिरावट :
टाटा मोटर्स के शेयरों में पिछले छह महीनों में 30% से अधिक की गिरावट देखी गई है। 27 सितंबर 2024 को इसका शेयर मूल्य ₹993 था, जो अब घटकर ₹661.35 पर आ गया है। वहीं, 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹1,179 की तुलना में शेयर में 43% की गिरावट दर्ज की गई है।
अन्य ऑटोमोबाइल कंपनियों पर भी असर :
अमेरिकी टैरिफ का असर सिर्फ टाटा मोटर्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियों पर भी देखने को मिला:
1) मदरसन सूमी के शेयर 6.85% टूटे।
2) अशोक लेलैंड के शेयर 3.62% गिरे।
3) भारत फोर्ज के शेयरों में 3.24% की गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों की बढ़ती चिंता :
निवेशकों में यह आशंका बनी हुई है कि अमेरिकी बाजार में बढ़ती लागत के कारण भारतीय ऑटो कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता पर असर पड़ेगा। इससे उनकी बिक्री और मुनाफे पर दबाव आ सकता है।
क्या होगा आगे ?
विश्लेषकों का मानना है कि यदि टाटा मोटर्स और अन्य कंपनियां इस नए टैरिफ से निपटने के लिए रणनीति नहीं बनातीं, तो उनके मुनाफे में गिरावट हो सकती है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। क्या अमेरिकी टैरिफ के असर से भारतीय ऑटो सेक्टर उबर पाएगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

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