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हाईवे होंगे 'सिल्क रूट' जैसे; 9,599 करोड़ की बंपर सौगात
By EditorialPublished on
देश के राष्ट्रीय राजमार्गों को बेहतर और सुगम बनाने के लिए सरकार ने नई रणनीति तैयार की है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मौजूदा हाईवे नेटवर्क के रखरखाव को प्राथमिकता देते हुए एक मैकेनिज्म विकसित किया गया है, जिससे सड़कों की गुणवत्ता में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतरीन अनुभव मिलेगा। सरकार का यह कदम नेशनल हाईवे को ‘मक्खन’ जैसा बनाने और गड्ढा मुक्त भारत की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। इस योजना के तहत मॉडर्न टेक्नोलॉजी और एडवांस मेंटेनेंस सिस्टम का उपयोग किया जाएगा, जिससे हाईवे का रख
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देश में हाईवे को ‘मक्खन’ जैसा स्मूद और सुरक्षित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को जानकारी दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) नेटवर्क के रखरखाव के लिए नए मैकेनिज्म को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 17,884 किलोमीटर लंबाई के हाईवे पर शॉर्ट टर्म मेनटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट (STMC) लागू किया जाएगा, जिस पर 2,842 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, 6,118 किलोमीटर के हाईवे पर परफॉर्मेंस बेस्ड मेनटेनेंस (PBMC) कार्य भी होंगे, जिसकी लागत 6,757 करोड़ रुपये होगी।
टिकाऊ और गड्ढामुक्त हाईवे के लिए नया मैकेनिज्म :
लोकसभा में एक लिखित बयान में गडकरी ने बताया कि सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके लिए एक विशेष मेनटेनेंस एजेंसी बनाई गई है, जो सभी NH सेक्शंस की नियमित मरम्मत और देखरेख सुनिश्चित करेगी। इस समय 31,187 किलोमीटर लंबाई में 1,310 हाईवे प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिनकी कुल लागत 8.11 लाख करोड़ रुपये है।
हाईवे मेंटेनेंस के नए मॉडल – STMC और PBMC :
1) STMC (शॉर्ट टर्म मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) : आमतौर पर 1-2 साल की अवधि का होता है और इसमें छोटे सुधार और मरम्मत कार्य शामिल होते हैं।
2) PBMC (परफॉर्मेंस बेस्ड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) : यह 5-7 साल की अवधि के लिए होता है और इसमें लंबी अवधि तक हाईवे की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। सरकार का मानना है कि इन नई व्यवस्थाओं से राष्ट्रीय राजमार्गों की लाइफ बढ़ेगी, रखरखाव की लागत घटेगी और सफर पहले से ज्यादा सुगम होगा।
सड़कों की क्वालिटी पर होगी कड़ी निगरानी :
नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार नेटवर्क सर्वे व्हीकल (NSV) के जरिए काम शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद सड़कों की स्थिति का आकलन करती है। इतना ही नहीं, हर छह महीने में सड़कों का मूल्यांकन किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनकी क्वालिटी बनी रहे और किसी भी गड़बड़ी को तुरंत ठीक किया जा सके।
हाईवे होंगे स्मार्ट – एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लागू :
सिर्फ हाईवे की क्वालिटी ही नहीं, बल्कि सरकार सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान दे रही है। इसके तहत चार लेन और उससे बड़े नेशनल हाईवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया जाएगा। इसमें स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज का इस्तेमाल होगा, जिससे हाईवे की 24x7 निगरानी हो सकेगी। किसी भी दुर्घटना या इमरजेंसी का तेजी से रिस्पॉन्स मिलेगा सड़क सुरक्षा को
बढ़ावा मिलेगा।
मक्खन जैसी सड़कें, स्मार्ट हाईवे – सरकार की नई रणनीति !
सरकार की इस नई योजना से साफ है कि आने वाले समय में भारतीय हाईवे सिर्फ तेज और चौड़े ही नहीं, बल्कि बेहतर मेंटेनेंस, एडवांस टेक्नोलॉजी और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम से लैस होंगे। अब देखना यह होगा कि ये नई व्यवस्था कितनी जल्दी धरातल पर उतरती है और क्या देश के हाईवे सच में ‘सिल्क रूट’ जैसी स्मूथनेस ला पाते हैं!

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