पाकिस्थानी जासूस पकडा गया ..
राजस्थान के जैसलमेर में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पाकिस्तानी जासूस को गिरफ्तार किया है। यह जासूस जैसलमेर के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र से पकड़ा गया है, जिसे फिलहाल पुलिस ने डिटेन कर लिया है। आरोपी की पहचान पठान खान (40 वर्ष) के रूप में हुई है।
लंबे समय से सेना की जासूसी में था सक्रिय :
पठान खान पर आरोप है कि वह लंबे समय से भारतीय सेना के संवेदनशील इलाकों की फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेज रहा था। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि वह दुश्मन देश के इशारे पर काम कर रहा था और सेना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां लीक कर रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी के रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं, जिससे उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। फिलहाल, सीआईडी, आईबी समेत कई सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं।
पाक सीमा से सटे जैसलमेर में बढ़ी सुरक्षा चुनौतियां :
जैसलमेर पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है, इसलिए यहां हमेशा सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहती हैं। हाल के वर्षों में इस इलाके में ड्रोन थ्रेट, हथियार तस्करी और जासूसी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी गई है। भारतीय सेना और बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) लगातार इन खतरों से निपटने के लिए सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जैसलमेर को लंबे समय से जासूसी गतिविधियों का केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है।
बीकानेर में भी मिला था एक जासूस :
यह पहला मामला नहीं है जब राजस्थान में पाकिस्तानी एजेंट पकड़ा गया हो। इससे पहले, बीकानेर के महाजन रेलवे स्टेशन पर तैनात एक कर्मी को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी भवानी सिंह नौकरी की आड़ में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को गुप्त जानकारी लीक कर रहा था। जांच में सामने आया था कि वह सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी महिला एजेंट के संपर्क में आया था और हनीट्रैप का शिकार होकर देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं लीक कर रहा था।
जांच जारी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट :
पठान खान की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं और उसके नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या जैसलमेर में कोई बड़ा जासूसी रैकेट सक्रिय है। इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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