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भारतीय छात्रों के लिए विदेश असुरक्षित? ; अमेरिका, रूस और जर्मनी में बढ़ते हमलों का खुलासा
By EditorialPublished on
उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले भारतीय छात्रों पर हमलों की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2023 और 2024 में भारतीय छात्रों के खिलाफ हिंसक घटनाओं में तेजी आई है। अमेरिका, रूस, जर्मनी समेत कई देशों में भारतीय छात्रों पर हुए हमले सुर्खियों में हैं। सरकार ने इस बढ़ते खतरे को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न कदम उठाने का आश्वासन दिया है। विदेशों में स्थित भारतीय मिशन छात्रों के संपर्क में रहते हुए उनकी सुरक्षा स
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विदेशों में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों पर हमलों में बढ़ोतरी हो रही है। इस चौंकाने वाले आंकड़े को तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद सागरिका घोष ने संसद में उठाया और विदेश राज्यमंत्री से इस मुद्दे पर जवाब मांगा। सांसद ने सवाल किया कि 2023 और 2024 में कितने भारतीय छात्रों को हिंसा का सामना करना पड़ा और सरकार उनकी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठा रही है।
विदेशों में पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या :
विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लिखित जवाब में बताया कि -
2022 में 7,52,111
2023 में 8,94,783
2024 में 7,60,073 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश गए।
वहीं, भारत में पढ़ने आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या -
2022 में 39,202
2023 में 49,437
2024 में 56,538 रही।
भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर सरकार का दावा :
विदेश राज्यमंत्री ने बताया कि सरकार भारतीय मिशनों के जरिए छात्रों से संपर्क में रहती है। उनके लिए वेलकम सेरेमनी का आयोजन किया जाता है और जरूरत पड़ने पर भारतीय दूतावास उनकी मदद करता है।
किन देशों में भारतीय छात्रों पर हुए हमले ?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में विभिन्न देशों में भारतीय छात्रों के खिलाफ हिंसा के मामले सामने आए हैं -
साल, देश और घटनाओं की संख्या :
2020 - रूस (1), कनाडा (2)
2021 - आयरलैंड (1)
2022 - ऑस्ट्रेलिया (1), अमेरिका (1), ब्रिटेन (1), कनाडा (1)
2023 - ऑस्ट्रेलिया (2), अमेरिका (4), इटली (7), रूस (12), कनाडा (1), आयरलैंड (1), ईरान (1)
2024 - ऑस्ट्रेलिया (1), अमेरिका (4), ब्रिटेन (4), इटली (3), रूस (2), कनाडा (9), आयरलैंड (3), जर्मनी (11), फिलीपींस (3)
टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने इसे चौंकाने वाला आंकड़ा बताया है और सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है।
सरकार से चार प्रमुख सवाल पूछे गए :
1) उच्च शिक्षा के लिए कितने भारतीय छात्र विदेश गए?
2) कितने विदेशी छात्र भारत में पढ़ने आए?
3) भारतीय छात्रों की विदेशों में सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?
4) बीते 5 सालों में भारतीय छात्रों के खिलाफ हिंसा के कितने मामले दर्ज हुए और किन देशों में?
इस रिपोर्ट से साफ है कि भारतीय छात्रों पर विदेशों में हो रहे हमले चिंता का विषय हैं और सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है।

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