Mumbai
मुंबई। पुराने वाहनों में उच्च सुरक्षा क्रमांक प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के दौरान वाहनधारकों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए परिवहन आयुक्तालय ने अब राहत भरा फैसला लिया है। यदि किसी एक ही सोसायटी या इमारत के 25 से अधिक वाहनधारक एचएसआरपी के लिए पंजीकरण कराकर इसे आरक्षित कराते हैं, तो अधिकृत एजेंसी द्वारा उसी सोसायटी में एचएसआरपी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए घर पर आकर नंबर प्लेट लगाने का शुल्क यानी फिटमेंट चार्ज नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार ने एजेंसी को निर्देश दिए हैं।
राज्य में 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों के लिए एचएसआरपी अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए 30 अप्रैल की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। वाहनधारकों की मांग पर उनके घर पर एचएसआरपी लगाई जाती है, जिसके लिए अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है। फिटमेंट चार्ज दोपहिया वाहनों के लिए 125 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 250 रुपये है। यदि किसी एक ही सोसायटी या इमारत के 25 से अधिक वाहनधारक ऑनलाइन पंजीकरण कराकर एचएसआरपी आरक्षित कराते हैं, तो एजेंसी द्वारा संबंधित सोसायटी या इमारत में ही एचएसआरपी लगाई जाएगी और इसके लिए कोई भी फिटमेंट चार्ज नहीं लिया जाएगा।
वाहनधारकों को अपने वाहनों में एचएसआरपी लगवाने के लिए प्रेरित करने और केंद्रों पर भीड़ का भार कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है, ऐसा भीमनवार ने कहा। एचएसआरपी की कीमत वाहन के प्रकार के अनुसार अलग-अलग रखी गई है। परिवहन विभाग द्वारा दोपहिया वाहनों के लिए 531 रुपये, तिपहिया वाहनों के लिए 590 रुपये और चारपहिया, यात्री/व्यावसायिक/भारी वाहनों के लिए 879 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। राज्य के सभी क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को तीन मंडलों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक मंडल के लिए अलग-अलग एजेंसियां नियुक्त कर एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वर्तमान में 18 लाख से अधिक पुराने वाहनधारकों ने एचएसआरपी लगवाई है, और प्रतिदिन औसतन दस हजार वाहनधारकों का पंजीकरण हो रहा है, ऐसा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों ने बताया।
Editorial

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