National Gokul Mission
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संशोधित राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) को मंजूरी दे दी है। इस मिशन के तहत 2021-26 तक 3400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे देश में पशुधन विकास को बढ़ावा मिलेगा और डेयरी सेक्टर को मजबूती मिलेगी। बछियों के लिए नया केंद्र और किसानों को ब्याज अनुदान और इस मिशन के तहत दो प्रमुख नई योजनाएं जोड़ी गई हैं।
बछिया पालन केंद्रों की स्थापना :
15,000 बछियों के लिए 30 आवासीय सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए पूंजीगत लागत का 35% अनुदान दिया जाएगा।
आईवीएफ बछियों की खरीद पर प्रोत्साहन :
किसानों को उच्च आनुवंशिक योग्यता (HGM) वाली आईवीएफ बछिया खरीदने के लिए 3% ब्याज अनुदान मिलेगा, जिससे डेयरी उत्पादन में सुधार होगा।
दूध उत्पादन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी :
पिछले 10 वर्षों में दूध उत्पादन में 63.55% की वृद्धि हुई है। प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 2013-14 में 307 ग्राम/दिन थी, जो 2023-24 में बढ़कर 471 ग्राम/दिन हो गई है।
किसानों के दरवाजे पर मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान :
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देश के 605 जिलों में 8.39 करोड़ से अधिक पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान (AI) का लाभ मिला है और 5.21 करोड़ किसान इससे लाभान्वित हुए हैं।
स्वदेशी नस्लों का संरक्षण और नई तकनीकें :
योजना के तहत गौ चिप और महिष चिप जैसी स्वदेशी जीनोमिक तकनीकों का विकास हुआ है। इसके अलावा, देशभर में 22 इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) लैब्स स्थापित की गई हैं, जिससे 2541 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले बछड़ों का जन्म हुआ है।
डेयरी किसानों की आय में होगी बढ़ोतरी :
इस योजना के जरिए 8.5 करोड़ डेयरी किसानों की आय में वृद्धि होगी और स्वदेशी नस्लों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। पशुधन क्षेत्र में यह मिशन नई तकनीकों के साथ भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
Editorial

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