TELANGANA TUNNEL COLLAPSE: बचाव कार्य में मिली बड़ी चुनौती, मानव अवशेष मिलने की पुष्टि

तेलंगाना के नागरकर्नूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल टनल के ढहने से 22 फरवरी को आठ मजदूर फंस गए थे, और अब उनके ‘मानव अवशेष’ मिलने की खबर आई है। तेलंगाना के पर्यटन मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने बताया कि बचाव दल को टनल बोरिंग मशीन (TBM) के पास और उसके आसपास के क्षेत्रों में चार-चार अवशेष मिले हैं। 22 फरवरी को टनल की छत गिरने के बाद से मजदूर लापता थे, और अब पर्यटन मंत्री जुपल्ली कृष्ण राव ने 1 मार्च को बताया कि बचाव दल को टनल बोरिंग मशीन (TBM) के पास चार मानव अवशेष मिले हैं, जबकि बाकी चार अवशेष आसपास के क्षेत्रों में पाए गए हैं।

बचाव कार्य में नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NGRI) की टीम ने ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) तकनीक का इस्तेमाल किया. इससे टनल के अंदर पांच अहम जगहों को चिह्नित किया गया जहां सिल्ट हटाने का काम जारी है. मंत्री कृष्णा राव ने कहा "हम उम्मीद करते हैं कि इन जगहों से सिल्ट हटाने का काम रविवार (2 मार्च) दोपहर तक पूरा हो जाएगा. इसके बाद लापता मजदूरों तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाएगी."

यह स्थिति बहुत ही चिंताजनक और दर्दनाक है। श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल दुर्घटना में बचाव दल को अब कई नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें टनल के अंदर से आ रही तेज बदबू, बढ़ता हुआ जलस्तर और भारी सिल्ट भी शामिल हैं।

मुख्य चुनौतियाँ और बचाव कार्य की स्थिति:

तेज बदबू:

टनल के अंदर 5 जगहों पर तेज बदबू महसूस की गई, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि वहां मानव अवशेष हो सकते हैं। सिल्ट (गाद) की मोटाई 9 फीट तक है, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया है।

जलस्तर और सिल्ट की चुनौती:

सुरंग के अंदर पानी और सिल्ट लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे राहत कार्य में बाधा आ रही है। SCCL, NDRF और रैट माइनर्स की टीम हाथ से सिल्ट हटाने का काम कर रही हैं। 3 हाई-पावर (5 HP) मोटरों से पानी निकाला जा रहा है, और सुरंग के बाहर गाद हटाने के लिए लोकोमोटिव का इस्तेमाल हो रहा है।

टनल के अंदर बाधाएँ:

टनल बोरिंग मशीन (TBM) के बड़े हिस्से रास्ता रोक रहे हैं, जिससे बचाव दल का आगे बढ़ना मुश्किल हो रहा है। साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) की टीम अल्ट्राथर्मिक कटर की मदद से इन अवरोधों को हटाने में लगी हुई है। उम्मीद है कि यह काम रविवार (2 मार्च) दोपहर तक पूरा कर लिया जाएगा।

सरकार की ओर से की जा रही व्यवस्थाएँ:

मेडिकल टीम और ऑक्सीजन सप्लाई:

मेडिकल टीमों, एंबुलेंस और ऑक्सीजन यूनिट्स को मौके पर तैनात किया गया है। डॉक्टरों की टीम भी स्टैंडबाय पर है, ताकि तुरंत इलाज मुहैया कराया जा सके।

इंजीनियरिंग सुधार:

कन्वेयर बेल्ट की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि सुरंग के अंदर से टूटे उपकरणों और मलबे को बाहर निकाला जा सके।

आगे की संभावनाएँ:

अब जबकि मानव अवशेष मिलने के संकेत मिले हैं और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है, यह देखना होगा कि बाकी मजदूरों तक पहुंचने में कितना समय लगेगा। सरकार और राहत एजेंसियां अपनी पूरी कोशिश कर रही हैं कि जल्द से जल्द सभी फंसे मजदूरों का पता लगाया जा सके।

यह घटना बेहद दुखद है, और प्रभावित परिवारों की चिंता को समझना जरूरी है। क्या आप इस मामले से जुड़ी और कोई जानकारी चाहते हैं? तो बने रहिये हमारे संग।

Editorial

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