sunita wilioms helth
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की अनुभवी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर आखिरकार 9 महीने के लंबे इंतजार के बाद धरती पर लौट आए हैं। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में तकनीकी खराबी के कारण दोनों एस्ट्रोनॉट्स को अपेक्षित समय से अधिक अंतरिक्ष में रहना पड़ा। 19 मार्च को भारतीय समयानुसार सुबह 3:30 बजे, नासा और स्पेसएक्स के संयुक्त प्रयासों से दोनों एस्ट्रोनॉट्स को सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लैंड कराया गया।
कैसे फंसे ISS में 9 महीने तक ?
5 जून 2024 को सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में सवार होकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी थी। मिशन केवल 8 दिनों का था, लेकिन स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी खराबी आने के कारण दोनों एस्ट्रोनॉट्स 9 महीने तक ISS में फंसे रहे। कई बार तकनीकी समस्याओं के चलते उनके सुरक्षित वापसी मिशन में देरी हुई।
कैसे हुई धरती पर वापसी ?
13 मार्च को नासा और स्पेसएक्स ने फाल्कन-9 रॉकेट के जरिए क्रू-10 मिशन लॉन्च किया। यह मिशन ISS पर मौजूद क्रू-9 मिशन को रिप्लेस करने के लिए भेजा गया। स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट, फाल्कन-9 रॉकेट से फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ। अंतरिक्ष यात्रियों ने 17 घंटे की यात्रा के बाद फ्लोरिडा के तलहासी तट के पास समंदर में सफलतापूर्वक लैंड किया। लैंडिंग के बाद स्पेसएक्स की रिकवरी टीम तुरंत पहुंची और एस्ट्रोनॉट्स को सुरक्षित बाहर निकाला।
कैसा है सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर का स्वास्थ्य ?
नासा ने पुष्टि की कि दोनों एस्ट्रोनॉट्स सुरक्षित हैं। लंबे समय तक स्पेस में रहने के कारण मांसपेशियों और हड्डियों पर प्रभाव पड़ा हो सकता है। डॉक्टरों की टीम ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट, आंखों की रोशनी, और मानसिक स्वास्थ्य की संपूर्ण जांच करेगी। रिकवरी प्रक्रिया के दौरान कुछ समय तक उन्हें बाहरी लोगों से मिलने की अनुमति नहीं होगी।
सुनीता विलियम्स की सुरक्षित वापसी पर भारत में जश्न :
सुनीता की वापसी को लेकर भारत और अमेरिका दोनों जगह जश्न का माहौल रहा। भारत के केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे गर्व और राहत का क्षण बताया। अमेरिका के 21 मंदिरों में प्रार्थनाएं की गईं, जबकि विल्मोर के लिए चर्च में विशेष प्रार्थनाएं हुईं।

आगे क्या होगा?
दोनों एस्ट्रोनॉट्स को अब कुछ हफ्तों तक पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरना होगा। स्वास्थ्य में सुधार के बाद सुनीता भारत यात्रा भी कर सकती हैं। नासा और स्पेसएक्स स्टारलाइनर कैप्सूल की तकनीकी खामियों की विस्तृत जांच करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
Editorial

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