Gaming Industry
भारत की गेमिंग इंडस्ट्री तेजी से विकास कर रही है और आने वाले वर्षों में यह देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बनने जा रही है। WinZO Games और इंटरएक्टिव एंटरटेनमेंट एंड इनोवेशन काउंसिल (IEIC) की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारतीय गेमिंग मार्केट का आकार 30,000 करोड़ रुपये (3.7 बिलियन डॉलर) है, जो 2029 तक 75,000 करोड़ रुपये (9.1 बिलियन डॉलर) तक पहुँचने की उम्मीद है।
गेमिंग इंडस्ट्री का मुख्य आधार :
रिपोर्ट बताती है कि इस इंडस्ट्री के कुल रेवेन्यू का 86% हिस्सा रियल मनी गेमिंग से आता है। इसके अलावा, भारत में 59.1 करोड़ से अधिक गेमर्स हैं, जो दुनिया की कुल गेमिंग आबादी का 20% हैं। इतना ही नहीं, अब तक 112 करोड़ से ज्यादा मोबाइल गेम ऐप डाउनलोड किए जा चुके हैं, जो इस इंडस्ट्री की जबरदस्त ग्रोथ को दर्शाते हैं।
भारत में गेमिंग सेक्टर के बड़े आंकड़े :
1) भारत में कुल गेमिंग कंपनियाँ: लगभग 1,900
2) इस इंडस्ट्री में कार्यरत प्रोफेशनल्स: 1.3 लाख से अधिक
3) विदेशी निवेश: 3 बिलियन डॉलर (25,000 करोड़ रुपये)
4) पे-टू-प्ले सेगमेंट में निवेश: 85%
2034 तक भारत बनेगा गेमिंग हब ?
WinZO Games के सह-संस्थापक पावन नंदा का कहना है कि भारत की गेमिंग इंडस्ट्री अभूतपूर्व गति से बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, 2034 तक यह सेक्टर 60 बिलियन डॉलर (5 लाख करोड़ रुपये) तक पहुँच सकता है और इससे देश में 20 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
गेमिंग इंडस्ट्री से भारत को क्या फायदा ?
1) नए जॉब के अवसरों में वृद्धि
2) गेमिंग IP (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) के एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी
3) विदेशी निवेश आकर्षित करने की क्षमता
भारत का गेमिंग सेक्टर सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि एक बड़ी इंडस्ट्री बन चुका है। अगर सरकार और निजी कंपनियाँ इस क्षेत्र में निवेश जारी रखती हैं, तो भारत आने वाले वर्षों में एक ग्लोबल गेमिंग हब बनने की पूरी क्षमता रखता है।
Editorial

Editorial

Next Story