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पाकिस्तान के लिए बीते कुछ दिन दहशत और हिंसा से भरे रहे हैं। आतंकवाद को पनाह देने वाला पाकिस्तान अब खुद आतंकी हमलों का शिकार बन चुका है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बलों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भी भुगतना पड़ रहा है।
बलूचिस्तान में पाक सेना पर हमला, 7 जवानों की मौत :
रविवार (16 मार्च 2025) को बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर बड़ा हमला हुआ, जिसमें कम से कम 7 जवान मारे गए और 35 से ज्यादा घायल हो गए। हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन संदेह बलूचिस्तान के अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) पर जताया जा रहा है। BLA ने हाल ही में दावा किया था कि उन्होंने पाकिस्तानी सेना के 90 जवानों को मार गिराया है। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा संकट बन सकता है।
ट्रेन हाईजैक के बाद ताबड़तोड़ हमले, 12 घंटे में 19 अटैक :
पाकिस्तान में 11 मार्च को बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया था। इस ट्रेन में 400 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें बड़ी संख्या में पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। ट्रेन हाईजैक के 12 घंटे के भीतर ही पाकिस्तान में 19 बड़े हमले हुए, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया। इस घटना ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।
क्वेटा और खैबर पख्तूनख्वा में धमाके और मुठभेड़ :
15 मार्च: क्वेटा में IED ब्लास्ट, ATF का एक जवान मारा गया, 6 घायल।
15 मार्च: खैबर पख्तूनख्वा में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 9 आतंकवादी और 2 सुरक्षाकर्मी मारे गए।
14 और 15 मार्च: खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दो मस्जिदों में बम धमाके, जिनमें एक मौलवी समेत चार लोग घायल।
BLA की मांगें और पाकिस्तान सरकार की मुश्किलें :
BLA पाकिस्तान से बलूचिस्तान को अलग करने की मांग कर रहा है। 11 मार्च को ट्रेन हाईजैक के बाद उन्होंने पाकिस्तानी सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि वे बलूच राजनीतिक कैदियों और कार्यकर्ताओं को रिहा करें। हालांकि, पाकिस्तानी सेना का दावा है कि 36 घंटे के ऑपरेशन के बाद सभी बंधकों को छुड़ा लिया गया और BLA के लड़ाकों को मार गिराया गया। लेकिन इसके बावजूद हमलों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
क्या पाकिस्तान गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है ?
बलूचिस्तान में अलगाववादी आंदोलन तेज हो गया है।
खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी संगठनों की सक्रियता बढ़ रही है।
पाकिस्तानी सेना पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे उनकी क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं।
अब आगे क्या ?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पाकिस्तान जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तो यह संकट और गहरा सकता है। क्या पाकिस्तान की सेना इन हमलों को रोक पाएगी, या फिर यह देश गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है? आने वाले दिनों में यह तय होगा!
Editorial

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