✕
अबू क़ताल की हत्या से आतंक के नेटवर्क को झटका; कौन है इसके पीछे का मास्टर माइंड?
By EditorialPublished on
पाकिस्तान में आतंक का एक और पन्ना खत्म हो गया है। मोस्ट वांटेड आतंकी और हाफिज सईद के भतीजे अबू क़ताल की हत्या कर दी गई है। 2024 के रियासी आतंकी हमले सहित कई बड़े हमलों में शामिल अबू क़ताल के मारे जाने से इलाके में संसनी फैल गई है। 25 सालों से कश्मीर के कोटली में छिपा यह खूंखार आतंकी अपने नापाक इरादों को अंजाम देने में जुटा था, लेकिन आखिरकार इसका अंत हो गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अब सवाल ये उठता है—क्या यह किसी आंतरिक साजिश का नतीजा था या आतंक के

x

पाकिस्तान के झेलम में जमात-उद-दावा के कमांडर और हाफिज सईद के भतीजे अबु क़ताल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अबु क़ताल, जिसे नदीम के नाम से भी जाना जाता था, अपनी गाड़ी में सफर कर रहा था जब अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने मंगला बाईपास के पास उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में अबु क़ताल और उसके एक साथी की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस की पुष्टि, टारगेट किलिंग की आशंका :
स्थानीय पुलिस ने बताया कि हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह पूर्व-नियोजित हत्या थी, जिसमें अबु क़ताल और उसके साथी को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद झेलम, दीना और मंगला के इलाकों में हाई-अलर्ट जारी कर दिया गया है।
अबु क़ताल: भारत में आतंक फैलाने वाला खूंखार आतंकी :
अबु क़ताल पिछले 25 वर्षों से कश्मीर के कोटली में रह रहा था और आतंक से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था।
अबु क़ताल के प्रमुख आतंकी हमले :
26/11 मुंबई हमला (2008): लश्कर-ए-तैयबा के इस ऑपरेशन में उसकी अहम भूमिका थी।
रियासी आतंकी हमला (9 जून 2024): तीर्थयात्रियों की बस पर हुए हमले का मास्टरमाइंड।
रजौरी हमला (2023): भारतीय एजेंसियों ने उसे इस हमले में भी संलिप्त पाया था।
एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था अबु क़ताल :
भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अबु क़ताल को मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में रखा था, और भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उस पर नजर बनाए हुए थीं। अबु क़ताल का मारा जाना भारत के लिए एक अहम जीत मानी जा रही है।
हाफिज सईद की मौत की अफवाह, लेकिन वह लाहौर में सुरक्षित :
अबु क़ताल की हत्या के बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद की भी मौत हो गई। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हाफिज सईद लाहौर में सुरक्षित है।
क्या पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के बीच शुरू हो चुका है अंतर्कलह ?
अबु क़ताल की हत्या के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के भीतर ही आपसी दुश्मनी बढ़ रही है? या फिर यह आईएसआई द्वारा अपने पुराने मोहरे खत्म करने की नई रणनीति है? इस हत्या के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां साजिश के पीछे के मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई हैं |

Editorial
Next Story
Related News
X
