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मुंबई के मोतीलाल नगर पुनर्विकास परियोजना के लिए अडानी समूह ने सबसे बड़ी बोली लगाई है। सूत्रों के अनुसार, अडानी समूह की अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड (APPL) इस परियोजना को हासिल करने में सफल रही है। यह परियोजना मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) में स्थित 143 एकर क्षेत्र में फैली हुई है और इसे शहर की सबसे बड़ी आवास पुनर्विकास परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।
अडानी समूह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एलएंडटी के मुकाबले अधिक निर्मित क्षेत्र की पेशकश की, जिससे यह कंपनी शीर्ष बोलीदाता बनकर उभरी। निविदा शर्तों के तहत, परियोजना को क्रियान्वित करने वाली निर्माण एवं विकास एजेंसी (C&DA) को म्हाडा को 3.83 लाख वर्ग मीटर का आवासीय क्षेत्र सौंपना था, लेकिन अडानी समूह ने 3.97 लाख वर्ग मीटर देने की पेशकश कर बाजी मार ली। राज्य सरकार ने इस परियोजना को ‘विशेष परियोजना’ घोषित किया है और महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवेलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) के नियंत्रण में रहते हुए इसका पुनर्विकास एक निजी एजेंसी के जरिए करवाने का निर्णय लिया गया है। मुंबई उच्च न्यायालय ने हाल ही में म्हाडा को इस परियोजना को आगे बढ़ाने की अनुमति दी थी।
इस परियोजना के लिए अडानी समूह को जल्द ही आवेदन पत्र (LOA) जारी किया जाएगा। हालांकि, इस पर समूह की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अडानी समूह पहले से ही धारावी पुनर्विकास परियोजना पर काम कर रहा है, जिसमें उसकी 80% हिस्सेदारी है, जबकि शेष राज्य सरकार के पास है। मोतीलाल नगर पुनर्विकास की कुल लागत ₹36,000 करोड़ आंकी गई है और परियोजना की पुनर्वास अवधि शुरुआत से सात साल तय की गई है। अडानी समूह इस इलाके को आधुनिक फ्लैट्स और बेहतर बुनियादी ढांचे से लैस एक विकसित क्षेत्र में बदलने की योजना बना रहा है, जिससे मुंबई की आवासीय व्यवस्था को एक नया रूप मिलेगा।
Editorial

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