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मुंबई। इनकम टैक्स अब टैक्सपेयर्स से उनकी बेहद निजी और छोटी-छोटी जानकारी जुटाने की कोशिश में है। इसलिए अगर आपसे टैक्स विभाग द्वारा इस तरह के सवाल पूछे जा सकते हैं कि आप हर महीने राशन पर कितना खर्च करते हैं? आप अपने कपड़ों, जूतों और हेयर कटिंग पर कितना खर्च करते हैं? आप रेस्टोरेंट पर खानपान में किस कदर अपनी जेब ढीली करते हैं? जाहिर है, इनकम टैक्स अधिकारी अब टैक्सपेयर्स से इस तरह के सवाल पूछ रहे हैं। आपके लिए बेहतर होगा कि चौंकने के बजाए इनके जवाब देने की तैयारी करें।
ऐसे लोगों की एक अच्छी-खासी तादाद हैं जिनकी कमाई और खर्च में टैक्स विभाग को कोई तालमेल नजर नहीं आ रहा है। ऐसे लोगों के बैंक खातों से हुई निकासी और उनकी जीवनशैली में कोई मेल नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, जो लोग अपनी कमाई तो बहुत ज्यादा दिखा रहे हैं, लेकिन खर्च बहुत कम दिखा रहे हैं, उन्हें निगरानी के दायरे में रखा गया है। टैक्स विभाग ऐसे लोगों को नोटीस भेज रहा है।
इनकम टैक्स विभाग ने डेटा एनालिटिक्स और विशेष सूचनाओं के आधार पर चुनिंदा हाई नेटवर्थ व्यक्तियों को नोटिस भेजे हैं। इन नोटिसों में उनके मासिक खर्चों का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है, जिसमें आटा, चावल, मसाले, खाद्य तेल, गैस, कपड़े, जूते, कॉस्मेटिक्स, शिक्षा, रेस्टोरेंट विजिट, और यहां तक कि बाल कटाने का खर्च भी शामिल है।
सरकार टैक्स चोरी पर शिकंजा कसने के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर रही है। कई लोगों ने अपनी आय अधिक दिखाई, लेकिन उनके खर्चे बहुत कम नज़र आ रहे हैं।
यह संदेह पैदा करता है कि कहीं वे अघोषित नकदी (काले धन) का उपयोग तो नहीं कर रहे हैं? यह अभियान उसी तरह है जैसा कि विदेशी संपत्तियों से होने वाली आय की जांच के लिए नवंबर में शुरू किया गया था। टैक्स प्रैक्टिशनर्स का कहना है कि ऐसे नोटिस कई व्यक्तियों को मिले हैं, जिससे यह कदम थोड़ा आक्रामक प्रतीत हो रहा है। हालांकि, टैक्स विभाग का कहना है कि यह केवल चुनिंदा लोगों को भेजा गया है जिनकी आय और जीवनशैली में बड़ा अंतर दिख रहा है। इस जांच से यह स्पष्ट हो रहा है कि इनकम टैक्स विभाग अब बैंक ट्रांजेक्शनों के अलावा लोगों की वास्तविक जीवनशैली पर भी नजर रख रहा है, ताकि टैक्स चोरी को पकड़ा जा सके।
Editorial

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