ashwini vaishnav
नई दिल्ली।आईआईटी मद्रास द्वारा एशिया की पहली ग्लोबल हाइपरलूप प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के समापन समारोह में केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि रेल भवन में उपस्थित रहे।
रेल मंत्री ने सभी प्रतिभागियों एवं इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि देश को इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसी कारण आज हम शिक्षा संस्थानों के साथ मिलकर कार्य कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह सम्मानित की गई टीम अविष्कार का हिस्सा रहे हैं।
वैष्णव ने कहा कि आईआईटी मद्रास द्वारा हासिल की गई 5जी तकनीकी में सफलता स्थापित के साथ और भारत दुनिया में सबसे तेज़ 5जी रोलआउट कर रहा है। इसी क्रम में, भारतीय रेल और आईआईटी मद्रास मिलकर वर्टिकल टेक-ऑफ लैंडिंग व्हीकल पर कार्य करेंगे, जिसे भारतीय रेल द्वारा फंड किया जाएगा। यह यात्रा के साधनों में आधुनिक और इनोवेटिव बदलावों को बढ़ावा देने में बेहद अहम कदम साबित होगा।
कार्यक्रम के दौरान रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ सतीश कुमार भीमौजूद रहे। भारत की पहली हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक 422 मीटर लंबी है, जो आईआईटी मद्रास, चेन्नई में स्थित है।
Editorial

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