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भोपाल।भोपाल में दो दिन चली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्यप्रदेश को 30 लाख 77 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। समिट में पहले दिन 24 फरवरी को 22 लाख 50 हजार 657 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव और एमओयू हुए थे।दूसरे दिन 25 फरवरी को 4 लाख 11 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। 2 दिनों में 26.61 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इनसे 17.34 लाख रोजगार की संभावना है। दो दिनों में 6 विभागीय समिट हुई हैं, जिनमें 500 से ज्यादा NRI शामिल हुए और अपने निवेश प्रस्ताव रखे।एविएशन कंपनी फ्लाई भारती के साथ उज्जैन में एयरपोर्ट डेव्हलपमेंट के लिये एमओयू हुआ। इसमें 750 करोड़ रुपए का निवेश होगा। वहीं, एअर इंडिया एक्सप्रेस और मध्यप्रदेश नागरिक विमानन विभाग के बीच 5 नई फ्लाइट के लिए MoU साइन हुआ है।समिट के दूसरे और आखिरी दिन समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। मंगलवार को सबसे पहले प्रवासी मध्यप्रदेश समिट हुई। इसके बाद चार सेक्टर अर्बन, टूरिज्म, एमएसएमई और माइनिंग की समिट हुई। इस दौरान उद्योगपतियों ने एमओयू साइन किए।
दो दिवसीय ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के दूसरे दिन सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम तथा स्टार्ट-अप समिट सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी का अभिवादन करते हुए संबोधन में कहा कि यह दो दिवसीय समिट सकारात्मक भावना और योजनाबद्ध तरीके से आयोजित की गई है। संभागवार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर हमने प्रदेश में एक सकारात्मक औद्योगिक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया है। जिससे व्यापक संवाद हुआ है, और इसके उत्साहजनक परिणाम एमएसएमई क्षेत्र में देखने को मिले है। उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश को प्रोत्साहित किए बिना आर्थिक आधार मजबूत नहीं हो सकता। उद्योगों के विकास से ही रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और प्रदेश समृद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र बहुत विस्तृत है और इससे नई संभावनाओं के द्वार खुले है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि समिट के अंत में जब आंकड़े आएंगे तब तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि एमएसएमई सेक्टर को अभूतपूर्व उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी कमिटमेंट कर रही है और जिस पारदर्शिता के साथ नीतियों को लागू कर रही है, वह प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग की सराहना की और कहा कि सरकार की नीतियां स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमारी सरकार और उद्यमी मिलकर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे।
सीएम बोले- विकास में भागीदार बनें प्रवासी भारतीय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
ने 'प्रवासी मध्यप्रदेश समिट' में मध्यप्रदेश के प्रवासी नागरिकों, फ्रेंड्स ऑफ एमपी, इंडिया कनेक्ट के सदस्यों से कहा कि मध्यप्रदेश में रोजगार के नए अवसरों के सृजन में प्रदेश के प्रवासी भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका है।जब लंदन में मध्यप्रदेश के निवासी मेयर बनते हैं, तो यहां भी आतिशबाजी की जाती है। यह आंतरिक लगाव और मध्यप्रदेश की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।फ्रेंड्स ऑफ एमपी (यूएई चैप्टर) के अध्यक्ष जितेंद्र वैद्य ने कहा कि मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं, हांगकांग के लीडिंग इन्वेस्टर और इंडिया कनेक्ट के ग्लोबल प्रेसिडेंट संजय नागरकर ने कहा कि मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में लगातार प्रगति कर रहा है। लॉजिस्टिक्स की दृष्टि से यहां असीम संभावनाएं हैं।
मध्यप्रदेश 2047 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार: सीआईआई रिपोर्ट
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था संभावित रूप से अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 2047-48 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (248.6 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ा सकती है, जो मौजूदा 164.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (13.6 लाख करोड़ रुपये) से 8.6% की सीएजीआर से बढ़ सकती है। "एन विज़निंग मध्यप्रदेश इकोनॉमी@2047" शीर्षक वाली रिपोर्ट, आर्थिक विकास के लिए एक दृष्टिकोण, प्रमुख क्षेत्रों की पहचान, नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है जो राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे।रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए, सीआईआई के महानिदेशक,चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने और विकास को गति देने के लिए समर्पित एक सक्रिय राज्य सरकार के साथ, मध्य प्रदेश 2047-48 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में है।
Editorial

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