नालासोपारा ऑनर किलिंग : समाज के डर से मां ने घोंटा गर्भवती बेटी का गला...


Nalasopara

मुंबई से सटे नालासोपारा इलाके में दिल दहला देने वाली ऑनर किलिंग की घटना सामने आई है। यहां एक मां ने अपनी ही बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी। वजह सिर्फ इतनी थी कि बेटी गर्भवती हो गई थी, और यह बात समाज में न फैले, इसलिए मां ने गुस्से में आकर बेटी का गला घोंट दिया। यह मामला शुरू में आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन पुलिस जांच में जब चौंकाने वाले खुलासे हुए, तब सच्चाई सबके सामने आई।

इस निर्मम हत्या को अंजाम देने के बाद, आरोपी मां ने आत्महत्या का नाटक रचा और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस को शक हुआ और गहराई से जांच शुरू हुई, तो सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने आखिरकार निर्दयी मां को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे मामले की तहकीकात कर रही है।

कैसे हुआ ऑनर किलिंग का खुलासा?

नालासोपारा पुलिस को 20 वर्षीय अस्मिता दुबे की मौत की सूचना उसकी मां ममता दुबे (46) ने दी थी। मां ने बताया था कि अस्मिता की अचानक तबीयत बिगड़ी और पेट में तेज दर्द होने के बाद उसकी मौत हो गई। इस पर पुलिस ने पहले अकस्मात मृत्यु (Accidental Death) का मामला दर्ज कर लिया था।

हालांकि, जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्हें कुछ संदिग्ध बातें नजर आईं। शव के चेहरे पर सूजन थी, दोनों हाथों पर काटने के निशान थे, और गले पर भी चोट के गहरे निशान दिखाई दे रहे थे। जब पुलिस ने मां से पूछताछ की, तो उसने दो बार अलग-अलग बयान दिए, जिससे शक और गहरा हो गया।

इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंबई के जेजे अस्पताल भेज दिया। जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो यह खुलासा हुआ कि अस्मिता की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी।

तीन महीने की गर्भवती थी अस्मिता, मां ने दी थी गर्भपात की धमकी

पुलिस जांच में पता चला कि मृतका अस्मिता तीन महीने की गर्भवती थी। जब उसकी मां को यह बात पता चली, तो वह बेहद गुस्से में आ गई। मां को डर था कि अगर यह खबर समाज में फैल गई, तो उसकी बदनामी होगी और समाज उन्हें तिरस्कृत कर देगा।

सूत्रों के मुताबिक, अस्मिता के एक युवक के साथ प्रेम संबंध थे, और वे दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन मां को यह रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं था। उसने बेटी को कई बार गर्भपात कराने के लिए कहा, लेकिन अस्मिता ने इंकार कर दिया। इसी बात पर गुस्साई मां ने अपनी ही बेटी को मारने की साजिश रची।

मां और छोटी बहन ने मिलकर दिया वारदात को अंजाम

हत्या की रात, जब अस्मिता के पिता घर पर नहीं थे, तब मां ममता दुबे ने अपनी नाबालिग छोटी बेटी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मां ने पहले अस्मिता को बेरहमी से पीटा और फिर गला घोंट दिया।

इस दौरान अस्मिता ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी छोटी बहन ने उसके पैर पकड़ लिए और मां ने पूरी ताकत से उसका गला घोंट दिया। इस संघर्ष के दौरान अस्मिता के हाथों पर काटने के निशान भी आ गए।

हत्या के बाद, मां ने आत्महत्या का नाटक रचते हुए पुलिस को यह बताने की कोशिश की कि उसकी बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हो गई। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच से सच्चाई सामने आ गई।

मां गिरफ्तार, छोटी बहन से भी होगी पूछताछ

पुलिस ने नालासोपारा के इस मामले में आरोपी मां ममता दुबे को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 103, 115(2), 351(2), 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 25 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

वहीं, अस्मिता की छोटी बहन अभी नाबालिग है और उसकी 12वीं की परीक्षाएं चल रही हैं। इसलिए फिलहाल उसे हिरासत में नहीं लिया गया है, लेकिन पुलिस उससे भी पूछताछ कर सकती है।

पुलिस क्या कह रही है?

नालासोपारा पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त विजय लागारे ने बताया कि यह मामला ऑनर किलिंग का है, जिसमें मां ने बेटी को गर्भपात के लिए मजबूर किया और जब उसने मना किया, तो गुस्से में आकर उसकी हत्या कर दी।

उन्होंने बताया कि यह हत्या पूरी तरह से सुनियोजित थी और इसमें अस्मिता की छोटी बहन भी शामिल थी। मां और बहन दोनों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।

समाज में ऑनर किलिंग पर बढ़ती चिंता

यह मामला समाज में ऑनर किलिंग की गंभीरता को दर्शाता है। अक्सर परिवार के लोग ही अपनी इज्जत बचाने के नाम पर ऐसी नृशंस हत्याएं कर देते हैं।

नालासोपारा की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक समाज की खोखली इज्जत के नाम पर बेटियों को मौत के घाट उतारा जाता रहेगा? क्या किसी लड़की को अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार नहीं है?

इस मामले में पुलिस ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया है और अब आगे की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में और कोई शामिल था या नहीं।

अब देखने वाली बात होगी कि इस निर्मम हत्या के मामले में आरोपी मां को कितनी सजा मिलती है और क्या समाज में ऑनर किलिंग जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कोई सख्त कदम उठाए जाते हैं या नहीं।

नालासोपारा की यह घटना पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि हमें अपनी सोच बदलने की जरूरत है। इज्जत के नाम पर बेटियों की बलि देना बंद करना होगा, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।

Editorial

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