Udaipur
उदयपुर, नगर संवाददाता। शहर भाजपा में बुधवार को तीन भाजपा नेताओं के बीस में जमकर भसवाड़ हुई। इसमें शहर भाजपा के निवर्तमान महामंत्री मनोज मेघवाल और आईटी सेल के प्रदेश पदाधिकारी मोहित सनाइध में जमकर बहस हो गई। व्हाट्स एप्प पर बने भाजपा के अधिकृत ग्रुप में हुई इस बहस में शब्दों की मर्यादा भी तार-तार हो गई और यहां तक की भाजपा की मातृशत्ति की लेकर भी जमकर आरोप लगे और इस ग्रुप में दलाल शब्द ट्रेडिंग पर रहा आखिरकार इस ग्रुप को बाद में ओनली एडमिन करना पड़ा अन्यथा यह : भसवाड़ एक बड़ा विवाद का कारण बन सकती थी।
जानकारी के अनुसार व्हाट्स एप्प पर बने भाजपा के सिरमौर नामक अधिकृत ग्रुप में यह भसवाड़ हुई। इसकी शुरूआत हुई कि शहर भाजपा के निवर्तमान महामंत्री मनोज मेघवाल के खिलाफ एक प्लॉट विवाद में किसीने हिरणमगरी थाने में और शहर भाजपा जिलाध्यक्ष को शिकायत दी थी। यह ग्रुप में आते ही निवर्तमान महामंत्री मनोज मेघवाल ने इस ग्रुप में लिखा कि 'राकेश नंदावत ने एक गरीब व्यक्ति के प्लॉट पर कब्जा कर रखा है, जब हम राकेश के पास गए तो जातिगत गालियां दी। मैं भी राकेश के खिलाफ, एससी एसटी में कैस दर्ज करवाउंगा। साथ ही मनोज मेमवाल ने लिखा कि 'जो भी नेता राकेश नंदावत की मदद मुझसे बदला लेने के लिए कर रहे है उनके खिलाफ में प्रदेश अध्यक्ष को जयपुर जाकर उनके खिलाफ सबूत के साथ रिर्पोट दूंगा और प्रमुख पद से हटवाने के लिए कहूंगा।' साथ ही लिखा कि 'यह पदाधिकारी इन्हीं कर्मों के कारण भाजपा में जीवन देने के बाद भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।' साथ ही लिख्खा कि 'कुत्ते की पूछे 12 साल के लिए पाईप में रखी तो भी सीधी नहीं होती है। मनोज मेघवाल ने लिखा कि 'पदाधिकारी पता करें कि राकेश नंदावत किस भाजपा पदाधिकारी के लिए काम करता है, दलाली करता है और यह एक भू माफिया है। इस बड़े पदाधिकारी ने मुझे मानसिक रोगी कहा था और अर्जुनराम मेघवाल के कार्यक्रम में अपने आप को उनके लिए मंच से कुछ कहने का कहा था तो मैंने उसे स्वीकार किया था। मानसिक रोगी यह भाजप पदाधिकारी है। इस लिए अपने जीवन में तरक्की नाहीं कर पाया, सिफ पैसा कमाना ही मकसद रहा।'
मनोज मेघवाल ने राकेश नंदावत का नाम लिखते हुए भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के लिए लिखा कि 'भाजपा में दलालों की स्थिति क्या है सभी देख सकतें है। पार्टी को जीवन उन्होंने भी दिया पर दलाली खाने के चक्कर में कुछ नहीं कर पा रहे है। इस दौरान मोहित सनाढय ने कुड़ मैसेज और लिंक शेयर किए। इसके बाद मनोज मेघवाल ने भाजपा के ही एक बड़े नेता का नाम लिखे बगैर लिखा कि 'भाजपा के एक बहुत बड़े नेता राकेश नंदावत जिनका शिष्य है और दलाल है। उनके कहने पर मेरे खिलाफ यह हरकतें कर रहा है। यह राजनीति के कुकृत्यों की पराकाष्ठा है।' इसके बाद भाजपा की प्रदेश आईटी सेल के प्रदेश सह संयोजक मोहित सनाइध ने इस ग्रुप में एक के बाद एक करते हुए दर्जनों की संख्या में मैसेज और लिंक शेयर कर दिए। इससे मनीज मेघवाल आक्रोशित हो गए और मनोज मेघवाल ने मोहित सनाढ्य की सीख देते हुए लिखा कि 'मुझे 3 माह से भाजपा के कई पदाधिकारियों ने जिलाध्यक्ष के लिए चोला पर में जयपुर जाकर मना करके आया क्योंकि मेरे पास पैसा नहीं है। जिलाध्यक्ष पद के लिए बहुत पैसा खर्च होता है और मैं जयपुर जाकर स्वयं मना करकें आया।
इसके साथ ही लिखा कि 'नरेन्द्र मोदी की बलीचा की सभा में मंच मुझे संचालन करना था पर मेरा पास तक नहीं बनाया गया। यह राजनीतिक की पराकाष्ठा है।' इसके बाद मोहित सनाढय ने दर्जनों की संख्या में लिंक और पोस्ट शेयर कर दी तो मनोज मेघवाल आक्रोशित हो गए और मेघवाल और मोहित सनाढ्य भिड़ गए और मनोज मेघवाल ने मोहित सनाचध के लिए लिखा कि वह बड़े नेता की दलाली करता है। मीहित सनादध ने इसका विरोध करते लिखा कि यह बताना होगा कि वह किसकी दलाली करता है। इस पर मनोज मेघवाल ने लिखा कि मोहित सनादध जिन बड़े नेता का दलाल है उन्हें एक मैसेज दे रहा हूँ, मुझे मजबूर ना करें कि ग्रुप में नंगा कर हूं। साथ ही बताया कि मौहित सनाढय ने आईटी सेल का पद कैसे लिया, जबकि बूथ अध्यक्ष बनने की भी हैसितय नहीं थी। मण्डल पदाधिकारी अरूण सांवरिया भी बीच में आ गया और उन्होंन भी मोहित सनाढ्य के विरोध में जमकर लिखना शुरू कर दिया। सांवरिया ने लिखा कि मनोज सभी के लिए लड़ते है पार्टी की महिला पदाधिकारी को पहन मानते है। साथ ही मोहित के लिए लिखा कि वह पार्टी की आड़ में क्या करता है वह सभी जानते है। साथ ही आरोप लगाया कि भाजपा का उपयोग कर पैसा कमा रहा है और भगवान के नाम से भी पैसा लेता है। इस पर मोहित ने अपनी पीड़ा लिखी कि दिनरात पार्टी की सेवा करते हुए पार्टी के फोटो खींचने पर लोगों को कितनी जलन है। मनोज मेघवाल इस ग्रुप में बार-बार मोहित सनाढ्य का पुलिस के साथ गाली गलौच वाला विडियों डालने की बात कहते रहे पर विडियों नहीं डाला। इधर मोहित सनाका भी चार-बार विडियों डालने और आरोपों की पुष्टि करने के लिए कहते रहे। भाजपा के अन्य नेता भी समझाते रहे पर दोनों में से कोई चुप नहीं हुआ तो इस ग्रुप को ओनली एडमिन कर दिया।
सिल्वेस्टर को थाने में मारा
इधर इस ग्रुप में अरूण संवरिया ने लिखा कि जब सिल्वेस्टर ने नोज मेघवाल को चाकू मारा तो उसे बाने में घुसकर मरा सा और पूरा धना देख रहा डा। इस पर में कोई जवाब नहीं वे जया।
जो बीच में आया उसे लताड़ दिया
इस मसवाड़ के बीच में जो भी आया उसे सोज मेघवाल ने चुप करवा दिया। बैच में चंचल कुमार अग्रवाल और ओम परिक आए तो इन दोनों को भी चुप करवा दिया और ओग परिक को कह दिय कि दुध मेचर्चा का प्रबल दावेदार था।
Editorial

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