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नवी मुंबई। रायगढ़ पुलिस ने सोमवार को 1.5 करोड़ रुपये की लूट के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें दो पुलिस कांस्टेबल भी शामिल हैं। आरोपियों ने सस्ते सोने का लालच देकर दो जूलरी कारोबारियों से यह रकम लूटी थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक और पुलिस कांस्टेबल सहित दो आरोपी फरार हैं, जबकि लूटी गई पूरी रकम बरामद कर ली गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समाधान पिंजारी (20), अलीबाग की एक निजी फर्म का कर्मचारी और लूट का मास्टरमाइंड; शिवकुमार उर्फ दीपक गायकवाड़; विशाल पिंजारी (20); अक्षय खोत (25); और पुलिस कांस्टेबल समीर महात्रे (34) और विक्की साबले (25) के रूप में हुई है। फरार आरोपियों की पहचान शंकर कुले और पुलिस कांस्टेबल सूर्यवंशी के रूप में की गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी के मध्य में समाधान पिंजारी ने नागपुर के जूलर और उसके ही गांव के रहनेवाले नामदेव हुलगे से संपर्क किया। पिंजारी ने हुलगे से कहा कि उसके एक परिचित के पास लगभग 7 किलो सोना है, जो 5 करोड़ रुपये में बेचा जा रहा है।
इस लालच में आकर हुलगे ने नवी मुंबई के कामोठे में रहने वाले अपने रिश्तेदार और जूलरी कारोबारी ओंकार वक्षा से इस सौदे के लिए पैसे जुटाने के संबंध में चर्चा की। 4 फरवरी को हुलगे, उसका कर्मचारी नितिन पंजारी और वक्षा 1.5 करोड़ रुपये नकद लेकर एक निजी कार से अलीबाग पहुंचे। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “जूलरों को यह कहकर दीपक गायकवाड़ की गाड़ी में बैठाया गया कि पुलिस जांच से बचने के लिए यह जरूरी है। उन्हें एक स्थान पर ले जाया गया, जहां सौदा होना था। वहां कुछ ही देर में दो पुलिस कांस्टेबल पहुंचे और तलाशी के बहाने जूलरों को गाड़ी से नीचे उतारने को कहा। इसके बाद वे गाड़ी और नकदी लेकर फरार हो गए।”
5 फरवरी को हुलगे और वक्षा को कांस्टेबल सूर्यवंशी का फोन आया, जिसका काम जूलरों को शिकायत दर्ज कराने से रोकना था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सूर्यवंशी ने हुलगे और वक्षा पर 2 करोड़ रुपये की चोरी का आरोप लगाते हुए उन्हें पुलिस स्टेशन आने को कहा। उसने धमकी दी कि यदि वे नहीं आए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
7 फरवरी को जूलरी कारोबारी रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घर्गे के पास पहुंचे, जिन्होंने मामले की तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद पोयनाड पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 310(2), 351(2), और 198 के तहत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को 14 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
Editorial

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