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बार कौंसिल ऑफ राजस्थान की साधारण सभा बैठक इंद्रगढ़, मालाखेड़ा, गंगरार, पीपलू, सिकरी और रेरा एवं रीट बार संघ को दी मान्यता
By EditorialPublished on
बार कौंसिल ऑफ राजस्थान (Bar Council of Rajasthan) की साधारण सभा की बैठक कौंसिल के सभागार, जोधपुर में भुवनेश शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
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जोधपुर (कासं)। बार कौंसिल ऑफ राजस्थान (Bar Council of Rajasthan) की साधारण सभा की बैठक कौंसिल के सभागार, जोधपुर में भुवनेश शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें मुख्य रूप से प्रदेश के 6 क्षेत्रीय बार संघों को मान्यता प्रदान की गई। साथ ही प्रदेश की विभिन्न अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा अधिवक्ताओं के प्रक्रिया विरूद्ध बढ़ते अवमानना कार्यवाही को लेकर चिंतन और इसके लिए कौंसिल के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराने का निर्णय लिया गया।
कौंसिल के सचिव राजेंद्र पाल मलिक अनुसार साधारण सभा में उपाध्यक्ष देवेंद्रसिंह राठौड़, सह अध्यक्ष नवरंग सिंह चौधरी, रतनसिंह राव, सदस्य जगमालसिंह चौधरी, सैयद शाहिद हसन, डॉ. सचिन आचार्य, राजेश पंवार, रणजीत जोशी, इंद्रराज चौधरी, कुलदीप कुमार शर्मा, घनश्यामसिंह राठौड़, सुशील कुमार शर्मा, चिरंजीलाल सैनी, सुनील बेनीवाल व बलजिंदर सिंह सांधू मौजूद रहे। वहीं, बार कौंसिल ऑफ इंडिया के सह अध्यक्ष सुरेशचंद्र श्रीमाली, कौंसिल राजस्थान के सह अध्यक्ष हरेंद्रसिंह सिनसिनवार व कपिल प्रकाश माथुर, सदस्य डॉ. महेश शर्मा, राम प्रसाद सिंगारिया, योगेन्द्र सिंह शक्तावत तथा घनश्यामदास बंसल ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
प्रसंज्ञान से पहले समिति के समक्ष रखें अधिवक्ताओं से जुड़ी शिकायतेंः साधारण सभा में सर्वसम्मति से तय किया गया कि अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा अधिवक्ताओं के प्रक्रिया विरूद्ध बढ़ते अवमानना कार्यवाही के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए कौंसिल अध्यक्ष की अगुवाई में सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मिलेगा। जो उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाकर अनुरोध करेंगे कि प्रक्रिया विरूद्ध अवमानना कार्यवाही का प्रसंज्ञान लेने से पूर्व उस संबंधित मामले को जिला स्तर पर गठित शिकायत निवारण समिति के समक्ष रखा जावे। समिति द्वारा निर्णय के बाद ही इस संबंध में कार्यवाही की जावे। इसके लिए कौंसिल अध्यक्ष को अधिकृत किया गया।
बार परीक्षा उत्तीर्ण नहीं तो वकालात पर प्रतिबंधः जिन अधिवक्ताओं ने बार कौंसिल में रजिस्ट्रेशन की तारीख से दो साल के तय समय सीमा में अखिल भारतीय बार परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की हैं, उनकी सूची संबंधित बार संघर को भेजकर उनके बकालात करने पर प्रतिबंधित की कार्यवाही की जाए।
इसके लिए साधारण सभा ने डा.० सचिन आचार्य, सुनील बेनीवाल तथा बलजिंदर सिंह सांधू की तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो अखिल भारतीय बार परीक्षा से संबंधित नियमों का अवलोकन करेगी। साथ ही उस पर कठोर कार्यवाही करने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। साधारण सभा में इन मुद्दों पर हुई मंथन निर्णय अधिवक्ताओं के खिलाफ व्यवसायिक दुराचरण से संबंधित मिली शिकायतों पर चर्चा कर उनका उचित निस्तारण किया गया।
साधारण सभा द्वारा राजस्थान अधिवक्ता कल्याण
कोष अधिनियम के तहत अधिवक्ताओं से प्राप्त अपीलों पर चर्चा कर उन पर आवश्यक निर्णय लिया गया। कल्याण कोष के वित्तीय वर्ष 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट तथा स्रङ्घ 2024-25 के अनुमानित बजट पर विचार-विमर्श कर अनुमोदन किया गया।साधारण सभा द्वारा बार संघ, इन्द्रगढ़ जिला बूंदी, बार संघ मालाखेड़ा जिला अलवर, बार संघ गंगरार जिला चित्तौड़गढ़, बार संघ पीपलू जिला टोंक, बार संघ सिकरी, जिला डीग, बार संघ रेरा एवं रीट, जयपुर के प्रतिवेदन पर चर्चा कर उन्हें मान्यता प्रदान की गई।कौंसिल का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बार कौंसिल ऑफ राजस्थान को एक मुश्त सहायता राशि के रूप में 10 करोड़ रुपए देने, आगामी बजट में प्रावधान को रखने का आग्रह करेगा।
दूसरी ओर, बार कौंसिल ऑफ राजस्थान कार्यकारिणी की बैठक में संपन्न हुई। इसमें अधिवक्ताओं से प्राप्त नाम परिवर्तन आवेदनों पर चर्चा कर निस्तारण किया गया। इनमें ऐसे आवेदन भी शामिल हैं, जिनमें अधिवक्ताओं को अपने नाम के आगे डॉ. लगाने की अनुमति प्रदान की गई। बार कौंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रेक्टिस (वेरिफिकेशन) नियम, 2015 की प्रशासनिक समिति प्रथम की बैठक सैयद साहिद हसन की संयोजकता में हुई। समिति ने करीब 1497 अधिवक्ताओं का नवीनीकरण किया गया। नवीनीकरण समिति के सदस्य सुशील कुमार शर्मा भी बैठक में उपस्थित थे।

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