Udaipur
उदयपुर. नगर संवाददाता | शहर की स्पेशल टीम और हिरणमगरी थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो भोले-भाले लोगों ऑन लाईन गेमिंग खिलाने और उनके दस्तावेज प्राप्त कर उनके नाम से खाते खुलवाकर ठगी के पैसों को उनके खातों में मंगवाकर ऐश करते है। इस गिरोह में एक महिला है, जो एक निजी बैंक में जॉब करती है और वह बैंक में रहकर लोगों के खातों की डिटेल व हस्ताक्षर के नमूने अन्य आरोपियों को देती है। साथ ही भोले-भाले लोगों के नाम से बैंक में खाते भी खुलवाती है।
एसपी योगेश गोयल ने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने साईबर अपराधों की रोकथाम के लिए एक विशेष अभियान ऑपरेशन साईबर शील्ड चलाया जा रहा है। इस में एएसपी सिटी उमेश ओझा के निर्देशन में और स्पेशल टीम प्रभारी श्यामसिंह रत्नू, रत्नू, हिरणमंगरी थानाधिकारी दर्शन सिंह, स्पेशल टीम के हैड कांस्टेबल करतार सिंह, भंवरलाल, श्रवण कुमार, हितेन्द्र सिंह, गणेश सिंह, कांस्टेबल सुमित, कांस्टेल चन्द्र कुमार और हिरणमगरी थाने के एएसआई अरविंदसिंह, कांस्टेबल मुकेश कुमार, राजकुमार, महिला 1 कांस्टेबल विद्या, कंकू, साईबर थाने के कुलदीप सिंह, 16. श्री करणाराम, सविना थाने से महिला कांस्टेबल कल्पना की टीम को सूचना मिली कि एक महिला सहित तीन लोग भोले- भाले लोगों से दस्तावेज लेकर उनके नाम से बैंक में खाते खुलवाकर ठगी का पैसा इन लोगों के अकांउट में मंगवाकर धोखाधड़ी करते है। ये बदमाश कार लेकर भाग रहे है। इस पर पुलिस टीम ने नाकाबंदी कर एक कार सवार एक युवती सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम आयुष पुत्र गिरीराज सारस्थत निवासी नाईयों की तलाई कालाजी गोराजी अमल का कांटा, पूजा पुत्री प्रभुराम मीणा निवासी मीनावास स्वरूपगंज भावरी सिरोही हाल समता नगर सेक्टर 3 और राजेन्द्र कुमार पुत्र करताराम निवासी चरली आहोर जालोर हाल गायरियावास परशुराम चौराहे के पास व ताया है।
पूछताछ में सामने आया कि तीनो आरोपी भोले भाले लोगों को लालच देकर अवैध रूप से संचालित गेमिंग वेबसाईट पर क्रिकेट तथा अन्य खेलों पर सट्टे का दांव लगवाने के लिए प्रेरित करने एवं दांव पर लगाए रूपयों को अन्य आम व्यक्तियों को धोखे में रख उनके नाम पर खुलवाए गए बैंक खातों में डलवा कर ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ओन लाईन गेमिंग के माध्यम से साईबर ठगी करने में प्रयुक्त लेपटॉप, कई सारे मोबाईल, सैकड़ों की तादाद में सिम व विभिन्न फर्मों की मोहरे, कई सारे चैक बुक, एटीएम कार्ड व फर्जी खाता धारकों की पासबुक इत्यादि सामग्री पाई गई।
आरोपियों के पास से मिली सैंकड़ों सिमों का प्रयोग अवैध गतिविधियों में करते थे। विभिा फमों की मोहरों को प्रयोग पैसों के लेनदेन व फर्जी तरीक से खाते खोलने में करते थे। आरोपियों से अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
बैंक में जॉब कर रही महिला उपलब्ध करवाती खातों की डिटेल
वारदात करने का तरीकाः गिरफ्तार आरोपी आयुष प्रतिबंधित अवैध गेमिंग वेबसाईटों पर भोले-भाले लोगों को धोखे में डालकर उनके नाम पर गेमिंग आईडी बनाने का काम करता है। पूजा जो एक्सीस बैंक में जॉब करती वह आयुष के कहने पर भोले-भाले लोगों के एक्सीस बैंक में खाते खुलवाने, किसी खाता धारक के खाते का बैलेंस संबंधित जानकारी, आयुष को बैंक के सिस्टम से उस खाता धारक के बैंक बैलेंस, हस्ताक्षर के नमूने अन्य गोपनीय सूचनाए आयुष को वॉट्सअप पर उपलब्ध करवाती थी। जबकी राजेन्द्र कुमार द्वारा आयुष के मांगने पर उसे भोले भाले लोगों के बैंक खाते खोलकर खाता धारको के बैंक खाते का कोट उसे किराये पर देता था। इस प्रकार आयुष एवं पूजा तथा राजेन्द्र कुमार के द्वारा भोले भाले लोगों को लालच में डालकर उन्हें अवैध रूप से संचालित गेमिंग प्लेटफार्म वेबसाईट पर क्रिकेट तथा अन्य खेलों पर सट्टे का दांव लगाने के लिये प्रेरित कर उनके द्वारा दांव पर लगाये रूपयों को अन्य व्यक्तियों को धोखे में रख उनके नाम पर खुलवाऐ गए बैंक खातों में डलवाकर रूपये ऐठ लेते थे।
ऑनलाईन बेटिंग के मुख्य संचालकों तक पहुंचेगी पुलिस
जांच अधिकारी लीलाराम ने सोमवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां आयुष सारस्वत व राजेन्द्र कुमार मीणा को 10 जनवरी तक रिमांड पर रखने के आदेश दिये। आरोपियों से बरामद सैंकड़ों मोबाइल सिम कार्ड, अनैकों बैंक खाता धारकों, एटीएम क्रेडिट कार्ड धारको, फर्जी कम्पनियों की स्टाम्प सील व आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन का निरीक्षण कर उनसे अपराध में शामिल अन्य तथ्यों, व्यक्तियों, बैंक खातों की जानकारी के बारे में विस्तृत जांच- पड़ताल की जाएगी। आयुष के लिंक ऑनलाईन बेटिंग के मुख्य संचालकों से है, जिनके ठिकाने दोनों आरोपी जानते है। उनकी निशानदेही से मुख्य संचालकों का पता लगाया जायेगा। मामले में लिप्त पूजा को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।
Editorial

Editorial

Next Story