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गुप्त बैठक के बाद घोषणा, मण्डल अध्यक्षों को बनाने में शहर के एक नेता की महत्वपूर्ण भूमिका
By EditorialPublished on
नगर संवाददाता उदयपुर। देहात भाजपा ने रविवार को अपने 36 मण्डलों में से 19 मण्डल अध्यक्षों की घोषणा कर दी। इन सबमें विशेष बात यह है
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नगर संवाददाता उदयपुर। देहात भाजपा ने रविवार को अपने 36 मण्डलों में से 19 मण्डल अध्यक्षों की घोषणा कर दी। इन सबमें विशेष बात यह है कि मण्डल अध्यक्षों की घोषणा को लेकर देहात भाजपा की एक गुस बैठक का आयोजन किया गया और इस बैठक में सिर्फ उन्हीं को बुलाया गया, जिन्हें मण्डल अध्यक्ष बनाना था। खास बात यह है कि इस बैठक की देहात भाजपा के अधिकांश पदाधिकारियों को सूचना तक नहीं दी। इन मण्डल अध्यक्षों की घोषणा में शहर में सक्रिय उन पदाधिकारियों की विशेष भूमिका रही, जिनकी देहात में कोई काम नहीं है और ना ही संगठन को इस पूरी चुनाव प्रक्रिया में उनको कोई जिम्मेदारी नहीं दी थी।
जानकारी के अनुसार देहात भाजपा में रविवार को 36 मण्डलों में से 18 मण्डल अध्यक्षों की घोषणा देहात भाजपा चुनाव प्रभारी नाहर सिंह जोधा और देहात भाजपा अध्यक्ष चन्द्रगुप्त सिंह चौहान ने घोषणा ने की। सबसे बड़ी बात यह है कि इन नए मण्डल अध्यक्षों में आयु सीमा का विशेष ध्यान रखा गया है। इन मण्डल अध्यक्षों को मोषणा के लिए रविवार को देहात भाजपा की गुम बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में अधिकांश देहात के भाजपा नेताओं और पदाधिकारियों को बताया तक नहीं और सिर्फ उन्हीं लोगों की बताया गया जिन्हें मण्डल अध्यक्ष बनाया जाना पहले से ही तय किया गया था। इन लोगों को भी 2 यूथ अध्यक्षों को साथ लेकर आने के लिए कहा था तो सभी 19 मण्डल अध्यक्ष अपने साथ दो बूथ अध्यक्षों को लेकर आए थे। इन सभी को बलीमा स्थित नए पार्टी कार्यालय में बुलाया था, जहां पर इनसे मण्डल अध्यक्ष के लिए फार्म भरवाया
गया और देर शाम को मण्डल अध्यक्ष को घोषणा भी कर दी गई। इसके बाद सभी को उपरणा ओड़ा कर स्वागत कर दिया। इस बैठक को इतना गुस रखा कि अन्य पदाधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं पड़ी।
जिसके पास कोई जिम्मेदारी नहीं उसका हस्तक्षेप जानकारी के अनुसार रविवार शाम को हुई मण्डल अध्यक्षों की घोषणा में भाजपा के ऐसे एक वरिष्ठ नेता की विशेष भूमिका रही, जिसके पास संगठन चुनाव को लेकर किसी तरह का कोई दायित्व नहीं था। आम तौर पर भाजपा के इस नेता का देहात भाजपा की कार्यकारिणी और मण्डल अध्यक्षों को लेकर खासा हस्तक्षेप राहता है और इस बार भी ऐसा ही हुआ। इस नेता ने देहात भाजपा के ही केबिनेट मंत्री विधानसभा के एक पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ बैठ कर मण्डल अध्यक्षों को पूरी रणनीति बना ली थी और अपने खास लोगों को मण्डल अध्यक्ष के लिए घोषणा कर दी।
सारी कशमकश पूर्व को वर्तमान बनाने के लिए सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता ने यह सारी कशमकश इसलिए की है वे अपने एक खास व्यक्ति को एक बार फिर से देहात जिले की जिम्मेदारी देना चाहते है। इसके लिए वे कुछ समय से प्रयास कर रहे है। इस खास व्यक्ति ने पूर्व में सत्ता में भी सुख भोगा और अब फिर से संगठन में महत्वपूर्ण पद लेकर संगठन का भी सुख लेना चाहते है।
वर्तमान के साथ ना हो जाए खेला इस पूरी प्रक्रिया में बर्तमान को यह बताया जा रहा है कि पुनः रिपिट किया जा रहा है पर जिस तरह से मण्डल अध्यक्षों की घोषणा हुई है उन नामों को देखकर ऐसा ना हो कि इनके साथ खेला हो जाए क्योंकि सभी घोषित सभी मण्डल अध्यक्ष इस नेता के समर्थक है और जिस और कहेंगे ये उसी और चलेंगे।
विचार परिवार को भी लिया विश्वास में इन मण्डलों के अध्यक्षो की घोषणा करने से पहले विचार परिवार को भी विचास में लिया गया। मण्डल अध्यक्षों के नामों पर पहले विचार परिवार से चर्चा की, जिनमें विचार परिवार की सलाह के अनुसार आंशिक बदलाव किया गया। विचार परिवार को पूर्ण विश्वास में लेकर ही मण्डल अध्यक्षों की घोषणा की है।
50 प्रतिशत मण्डल अध्यक्ष बनाकर जिलाध्यक्ष के लिए की राह आसान जानकारी के अनुसार भाजपा की इस संगठनात्मक निर्वाचन प्रक्रिया में यह तय है कि जिले के सभी मण्डलों में से यदि 50 प्रतिशत से अधिक मण्डल अध्यक्ष बना दिए जाते है तो जिलाध्यक्ष का चुनाव हो सकता है। देहात में 36 मण्डल है और इनमें से 19 की घोषणा कर दी है, जो 50 प्रतिशत से अधिक होती है। शेष मण्डलों में से अधिकांश मण्डल अध्यक्षों भाजपा नेता और वर्तमान कशान की सहमति नहीं बन पा रही थी। इसी कारण एक बार तो 50 मण्डल अध्यक्षों की घोषणा कर जिलाध्यक्ष चुनाव की राह आसान कर दी है और नए कप्तान के आते ही शेष मण्डलों पर भी अपने समर्थकों को मण्डल अध्यक्ष बना दिया जाएगा।

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