Udaipur
उदयपुर। सरकार की प्रगतिशील नीतियों के परिणास्वरुप देश में आर्थिक समृद्धि बढी है। इसके साथ ही हवाई यात्रा करने । वाले यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। केन्द्र सरकार द्वारा देश में नए एयरपोर्ट की स्थापना एवं वर्तमान एयरपोर्ट की सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उदयपुर एयरपोर्ट के विस्तार एवं इन्फ्रास्ट्रक्कर विकास पर एक हजार करोड रुपये की बजट राशि व्यय की जा रही है।
यह जानकारी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया के मेम्बर (ऑपरेशंस) डॉत शरद कुमार ने यूसीसीआई में दी। यूसीसीआई के मानद महासचिव डॉ पवन तलेसरा ने बताया । कि उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया के अधिकारियों के साथ चेम्बर भवन के पायरोटेक टेम्पसन्स सभागार में एक परिचर्चात्मक बैठक । का आयोजन किया गया। बैठक में डॉ शरद कुमार मुख्य अतिथि तथा उदयपुर एयरपोर्ट के निदेशक योगेश नगाईच विशिष्ट अतिथि थे। बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया । तथा विभिन्न एयरलाईन कम्पनियों के अधिकारीगण उपस्थित थे। अध्यक्ष एमएल लूणावत ने व्यावसायिक यात्रियों की संख्या में बढोतरी को देखते हुए बेहतर हवाई यात्रा सुविधाएं मुहैया करवाए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने उदयपुर हवाई अड्ड्रे से अंतर्राष्ट्रीय उडानों का संचालन शुरु करने, घरेलू यात्रियों को उदयपुर से देश के अन्य शहरों की यात्रा के लिए । बेहतर एयर कनेक्टीविटी प्रदान करने, उदयपुर हवाई अड्डे को सप्ताह के सातों दिन और चौबीस घण्टे ऑपरेशनल बनाने का सुझाव दिया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि योगेश नगाईच ने बताया कि उदयपुर हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा। नए टर्मिनल भवन के आरम्भ होने पर कई नई सेवाएं शुरु होंगी तथा वर्तमान सेवाओं का विस्तार होगा। एक हजार करोड रुपये की चजट राशि से विकसित किया जा रहा नया टर्मिनल भवन कलात्मक दृष्टि से स्टेट ऑफ आर्ट सिद्ध होगा एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सेवाओं से परिपूर्ण होगा।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ शरद कुमार ने बताया कि उडान शुरु करना अथवा बन्द करना एक जटिल प्रक्रिया है तथा इसके लिए कई कारक जिम्मेदार होते हैं। विगत दस वर्षों में देश ने तेजी से तरक्की की है और भारत दुनिया की तीसरी सबसे बडी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। भारत की विमानन कम्पनियों ने दुनिया की विमान निर्माता कम्पनियों को एक हजार एक सौ पचास यात्री हवाई जहाज खरीदने का ऑर्डर दिया है। विश्व के अब तक के इतिहास में इतना बड़ा ऑर्डर कभी किसी देश ने नहीं दिया है। गत वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक दिन में पन्द्रह नए हवाई अड्डों का शुभारम्भकिया गया। यह भी एक वैश्विक रिकॉर्ड है। हवाई मार्ग से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि होने से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इण्डिया द्वारा देश में तेजी से नए हवाई अड्डों का निर्माण एवं इन्फास्ट्रक्कर सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। अलग-अलग प्रकार के यात्री हवाई जहाजों, उनके पायलट एवं क्रू मेम्बरए मरम्मत एवं रखरखाव, कलपुर्जी की आपूर्ति, पैसेन्जर लोड बाबत मांग एवं आपूर्ति, पर्यावरण क्लीयरेन्स सहित कई क्लिष्ट कारक हैं। इण्डिगो एयरलाईन्स के प्रवीण कुमार ने उदयपुर हवाई अड्डे से कम्पनी द्वारा प्रदान की जा रही कार्गो सुविधा तथा पैसेन्जर सुविधा एवं एयर कनेक्टीविटी के बारे में सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर दिया। एयर इण्डिया के अमित रमानी ने नए हवाई जहाजों की आपूर्ति एवं भविष्य में अन्य हवाई अड्डों के लिए कम्पनी द्वारा नई उडानों की शुरुआत किए जाने के बारे में जानकारी दी। यूसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष दिलीप तलेसरा ने एयरपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्कर एवं यात्री सुविधा विकास के सम्बन्ध में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। खुली परिचर्चा के दौरान पूर्वाध्यक्ष कोमल कोठारी, पूर्वाध्यक्ष पीएस तलेसरा, अशोक जोशी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष गलुण्डिया, मानद कोषाध्यक्ष प्रकाशचन्द्र बोलिया, मार्बल प्रोसेसर समिति के अध्यक्ष कपिल सुराणा, हेमन्त जैन ने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन यूसीसीआई की पर्यटन सब कमेटी के चेयरपर्सन सिद्धार्थ चतुर ने किया। बैठक में पूर्वाध्यक्ष सीपी तलेसरा, पूर्वाध्यक्ष महेन्द्र ठाया, उपाध्यक्ष प्रतीक हिंगड हितेष पटेल, गजेन्द्र सुयल, सुभाषसिंह राणावत, अम्बालाल साह, राकेश चौधरी, केपी अग्रवाल, जीएस सिसोदिया, आशीष छवडा, दीपक बोर्दिया, आरआर हरलालका सदस्यों ने भाग लिया।
Editorial

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