Jaipur
जयपुर (कार्यालय संवाददाता)। राजस्थान सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच बुधवार को एक नई चर्चा शुरू हो गई। यह चर्चा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बीच हुई मुलाकात को लेकर शुरू हुई है। बुधवार की दोपहर को अचानक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सिविल लाइन बंगला नंबर 13 पहुंच गए जो कि पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का सरकारी बंगला है। सीएम भजनलाल के अचानक राजे से मिलने जाने पर बंगला नंबर 13 के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। हालांकि राजे से मुलाकात कर निकले सीएम भजनलाल से मीडिया से बात नहीं की। शर्मा और राजे की इस मुलाकात से सियासी चर्चाएं तेज हो गई। हर कोई अपने अपने कयास लगाकर इस मुलाकात के अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।
भजनलाल मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर चर्चा संभव सीएम भजनलाल शर्मा और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की यह मुलाकात शिष्टाचार भेंट बताई जा रही है। हालांकि मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच दोनों की मुलाकात सामान्य नहीं होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं। पिछले करीब एक साल से राजे असंतुष्ट हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी ना तो विधानसभा चुनाव में दी और ना ही लोकसभा चुनाव में। स्टार प्रचारक बनाने के बावजूद वे अपने पुत्र के लोकसभा क्षेत्र में ही सक्रिय रहीं। पिछले करीब एक महीने से राजे फिर सक्रिय हुए हैं। कई बार दिल्ली में वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मिली। ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें पर्याप्त जिम्मा देने का मन बना लिया है। अब मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल में राजे समर्थक विधायकों को स्थान मिलना तय है। ऐसे में राजे और भजनलाल की मुलाकात में इसी को लेकर चर्चा होना माना जा रहा है।
बजट से पहले राय मशविरा चूंकि राजे दो बार राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। दोनों कार्यकाल में वित्त मंत्री का प्रभार भी राजे के पास ही + एकजुटता का संदेश दिया सीएम ने बीते लंबे समय से यही खबरें आ रही है कि भाजपा में गुटबाजी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में एक दूसरे से नाराजी से जुड़ी खबरें भी सामने आती रही हैं। इसे लेकर केंद्रीय नेतृत्व नाराज भी है। केंद्रीय नेतृत्व ने सबको साथ लेकर चलने के निर्देश भी दिए हैं। विपक्ष भी बार बार गुटबाजी के आरोप लगाता रहा है। ऐसे में विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष को जवाब देने के लिए सीएम भजनलाल शर्मा पूर्व सीएम राजे से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात के जरिए उन्होंने एकजुटता का संदेश दिया है। था और उन्होंने ही बजट पेश किए। अब 31 जनवरी से राजस्थान विधानसभा का नया सत्र शुरू होने वाला है। फरवरी के पहले सप्ताह में बजट पेश होने वाला है। हालांकि वित्त मंत्री के रूप में दीया कुमारी बजट पेश करेंगी लेकिन बजट तैयार करने से पहले मुख्यमंत्री तमाम वर्गों से मुख्यमंत्री सुझाव ले रहे हैं। इसलिए बजट से पहले उन्होंने राजे से मुलाकात करना जरूरी समझा और उनसे राय मशविरा की।
Editorial

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