Rajsthan
मुंबई। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के लाछूड़ा गांव के निवासी और वर्तमान में मुंबई प्रवासी नैतिक जैन ने सीए फाइनल परीक्षा में 45वां स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। नैतिक प्रारंभ से ही शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल है। नैतिक ने स्कूली शिक्षा गोरेगांव स्थित ओबेरॉय इंटरनेशनल स्कूल से पूरी की और बीकॉम एचआर कॉलेज से किया। उन्होंने नवंबर 2024 में पहली ही बार में सीए फाइनल के दोनों ग्रुप एक साथ उत्तीर्ण किये। नैतिक का परिवार उच्च शिक्षित और समाज सेवा में अग्रणी है। उनके पिता बी.सी. जैन चार्टर्ड अकाउंटेंट और भवन निर्माता हैं। बी.सी. जैन ने भी अपने समय में सीए फाइनल में ऑल इंडिया रैंक एवं आईसीडब्ल्यूए फाइनल में गोल्ड मेडल प्राप्त किया था। वे 2009-10 में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की वेस्टर्न रीजनल काउंसिल के चेयरमैन रह चुके हैं। इसके अलावा, वे तेरापंथ युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारत जैन महामंडल में युवा अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में जीतो गोरेगांव के चेयरमैन एवं अन्य संस्थाओं के ट्रस्टी हैं। मां आशा जैन विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं और सेवा कार्यों में सक्रिय हैं। वे सनराइज ग्रुप के प्रमोटर और फाउंडर हैं। यह ग्रुप रियल एस्टेट निर्माण में अग्रणी है और रेजिडेंशियल, कमर्शियल और आईटी पार्क का निर्माण करता है। उनकी बड़ी बहन स्मीति ने आईबी बोर्ड में ओबेरॉय इंटरनेशनल स्कूल टॉप किया और प्रथम प्रयास में ही सीए और सीएफए उत्तीर्ण किया। वर्तमान में वे सनराइज वेंचर्स में एल्गोरिदम और डिस्क्रीशनरी ट्रेडिंग में कार्य कर रही हैं। पिता बी.सी. जैन ने कहा कि मेरे स्वयं की रैंक प्राप्त करने की खुशी जितनी थी, उससे कहीं अधिक संतोष और गर्व नैतिक की उपलब्धि से हो रहा है। माता-पिता के लिए बच्चों की सफलता आत्मिक संतोष और गौरव का क्षण होता है।" नैतिक विदेश में किसी प्रतिष्ठित इंटरनेशनल कॉलेज से मास्टर डिग्री प्राप्त कर पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहते हैं। नैतिक की इस उपलब्धि ने प्रवासी समाज में ऊर्जा का संचार किया है। यह न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह समाज के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। नैतिक की सफलता उनकी कड़ी मेहनत, पारिवारिक समर्थन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
Editorial

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