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मुख्यमंत्री ने बजट से पहले मेवाड़ - वागड़ के प्रतिनिधियों से की चर्चा
By EditorialPublished on
उदयपुर. नगर संवाददाता | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के शासन सचिवालयए जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कन्वेन्शन हॉल में मेवाड़ वागड़ क्षेत्र के प्रमुख जनए सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों आदि के साथ बजट पूर्व बैठक कर उनके क्षेत्र की प्रमुख आवश्यकताओं पर चर्चा की।
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उदयपुर. नगर संवाददाता | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के शासन सचिवालयए जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कन्वेन्शन हॉल में मेवाड़ वागड़ क्षेत्र के प्रमुख जनए सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों आदि के साथ बजट पूर्व बैठक कर उनके क्षेत्र की प्रमुख आवश्यकताओं पर चर्चा की। उदयपुर संभाग से इस बैठक में शामिल होने वालों में प्रमुख नाम भाजपा देहात जिलाध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान का था।
मुख्यमंत्री ने दक्षिणी राजस्थान में आमजन की आवश्यकताओं व आदिवासी क्षेत्रो के समग्र विकास के लिए बैठक में उपस्थित सदस्यों से व्यक्तिशः चर्चा की। सबसे पहले अरावली विकास मंच के संयोजक चन्द्रगुप्त सिंह चौहान ने अपनी बात रखी। चौहान ने देवास परियोजना के तीसरे व चौथे चरण को स्वीकृत करने, जाखम का पानी व्यर्थ बह कर समुद्र में जाने से रोकने व उस पानी को में जयसमन्द झील में पहुंचाने, बागोलिया बांध में आवक के स्त्रोत विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इसके बाद चौहान ने मेवाड़ - वागड़ की आवश्यकताओं से संबंधित 22 बिंदुओं को रखा। मुख्यमंत्री के साथ बजट बैठक में उदयपुर से अर्चना सिंह चारण, जगदीश जोशी, डॉ भूपेंद्र दुबे, लक्ष्मी डामोर, बांसवाड़ा से राकेश कुमार सिंह, डूंगरपुर से बंशीलाल कटारा, रसिकलाल पटेल, संघर्ष कटारा आदि उपस्थित थे।
यह बताई प्रमुख आवश्यकताएं
प्रत्येक उपखंड केंद्र पर आदिवासी कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जावे।
प्रत्येक आदिवासी उपखण्ड केंद्र पर एक आवासीय खेल स्टेडियम हो ताकि सुशीला मीणा जैसे अनेक आदिवासी खिलाड़ियों को राष्ट्र के सामने लाया जा सके।
■ उदयपुर से बांसवाड़ा फोर लेन सड़क की स्वीकृति प्रदान की जाए।
■ जयसमन्द झील को वॉटर स्पोर्ट्स केन्द्र के रूप में विकसित किया जाये।
■ देवास 3 और 4 योजना शीघ्र पूर्ण हो।
■ ऋषभदेव में जिला अस्पताल बनाया जाए।
■ झाडोल में लिफ्ट सिंचाई परियोजना प्रारम्भ की जाये।
■ गोगुन्दा में महाराणा प्रताप राजतिलक स्थली को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित हो।
■ कोटड़ा के अस्पताल को और अधिक विकसित किया जाए। वृहद टीका करण अभियान शुरू हो।
■ तीरंदाजी के अलावा नौकायन और लक्रोज जैसे नवीन खेलो में आदिवासी युवाओं की प्रतिभा को निखारा जावे।
■ वन औषधि उगाने से लेकर विपणन तक की व्यवस्था को सुधारा जावे।
■ आदिवासी युवक और युवतियों के लिए प्रथक हॉस्टल खोले जाएं।
■ उदयपुर सम्भाग मुख्यालय पर यातायात
व्यवस्था में सुधार हेतु और अधिक एलीवेटेड रोड और ओवर ब्रिज बनाये जावे। नॉर्थ ईस्ट की तर्ज पर सायरा, गोगुन्दा, झाडोल, फलासिया, खेरवाड़ा, कोटडा क्षेत्र में युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के लिए होम स्टे जैसी सुविधाए बढ़ाने के प्रयास किये जाये। सुखाड़िया और प्रताप विश्वविद्यालय सहित आरएनटी मेडिकल कॉलेज और नवानियां पशु चिकित्सा कॉलेज में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। मक्का, बाजरा, ज्वार के अतिरिक्त किसानों को कांगणी और रागी जैसे मोटे अनाज के अच्छे बीज उपलब्ध कराए जाएं। महाराणा प्रताप फाउंडेशन अन्तर्गत चावण्ड, कमलनाथ, गोगुन्दा का पूर्ण विकास किया जाए। वन - संस्कृति का डिजिटलाइजेशन हो। समुद्र में जाने वाले पानी को रोकने के लिए छोटे छोटे बांध बनाया जाए। पशुपालन हेतु बिना ब्याज का ऋण प्रदान किया जावे। ग्रामीण बस सेवा को सुधारा जाए।

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