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जयपुर (का.सं.)। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज जयपुर के जामडोली क्षेत्र में दिव्यांगजनों के पुनर्वास के लिए स्थापित समेकित कौशल विकास पुनर्वास एवं दिव्यांजन सशक्तिकरण क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) के नये भवन का शिलान्यास तथा अस्थायी परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने नये सीआरसी की स्थापना पर कहा कि इस केंद्र के माध्यम से दिव्यांजनों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे साथ ही राजस्थान के दिव्यांगजनों तथा अन्य जरूरतमंद लाभार्थियों की पुनर्वास आवश्यकताओं की पूर्ति तो होगी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए काम कर रहीं
उन्होंने इस परियोजना के लिए जामडोली के सामाजिक न्याय संकुल में 2.5 एकड़ भूमि आवंटित करने के लिए राजस्थान सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि इस समेकित क्षेत्रीय केंद्र का नया भवन लगभग रुपये 30 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। इसमें कॉस डिसेबिलिटी हस्ताक्षेपन केंद्र भी होगा, जहां छोटे बच्चों के लिए चिकित्सा और शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जयपुर में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र की स्थापना की गई है, जिससे दिव्यांगजन अब सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए भटकने को मजबूर नहीं होंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि संस्थान में शीघ्र ही केचर गिवर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे माता-पिता और देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षण देना आसान होगा।
उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भावना के अनुरूप सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और देश को आत्मनिर्भर बनाने में सभी का सामूहिक प्रयास ही ताकि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बन सके। इसी विचार से दिव्यांजनों को सशक्त बनाने लिए देशभर में आयोजित 22 दिव्य कला मेले का उल्लेख करते हुये केंद्रीय मंत्री ने कहा की इन मेलों के माध्यम से दिव्यंजनों को अपनी प्रतिभा दिखने के साथ साथ आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर भी मिल रहा है। उन्होंने कहा की आने वाले समय में इस संस्थान में शैक्षणिक गतिविधि बढ़ाने के साथ साथ डिग्री कोर्स भी शुरू करने की योजना है। जिसके लिए हॉस्टल की आवश्यकता होगी इसके लिए राजस्थान सरकार से वाई एकड़ भूमि और देने का अनुरोध भी किया।
गौरतलब है कि समेकित क्षेत्रीय केंद्र जामडोली का प्रशासनिक नियंत्रण पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय शारीरिक दिव्यांगजन संस्थान के पास है और इसकी स्थापना से जयपुर तथा आस पास के क्षेत्रों में बसे दिव्यांगजनों को काफी लाभ होगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने कहा की आज प्रारम्भ किए गए अस्थायी सीआरसी केंद्र पर कृत्रिम उपकरण का निर्माण तथा फिजियोथेरेपी की सुविधाएं सुविधाएं उपलब्ध होंगी। फिजियोथेरेपी की सुविधाएं तथा कृत्रिम उपकरण बनाने का कार्य भी शुरू किया गया है। इससे पूर्व 40 से अधिक दिव्यांजन तथा बरिष्ठ नागरिकों को केंद्रीय मंत्री द्वारा सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।
राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार की सभी लाभकारी योजनाओं में राज्य सरकार की ओर से भरपूर सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जामडोली में दिव्यांगों के शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास के लिए कंपोजिट रीजनल सेंटर की स्थापना सुखद है। उन्होंने कहा कि सीआरसी की स्थापना के तहत दिव्यांगजनों के लिए सभी सुविधाओं का ध्यान में रखा गया है। यहां दिव्यांग व्यक्तियों को एक ही स्थान पर पुनर्वास सेवाएं दी जा सके। सीआरसी सेल्टर के माध्यम से दिव्यांगजनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का एक प्रयास है।
इस अवसर पर दिव्यांगजनों को दिव्यांग उपकरण भी वितरित किये गये। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव राजेश अग्रवाल, कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, एच. गुईटे, आयुक्त विशेष योग्यजन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भी मौजूद रहे।
Editorial

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