Udaipur
उदयपुर | शहर की प्रतापनगर थाना पुलिस ने एक सरकारी अध्यापक का अपहरण कर उसके परिजनों से 10 लाख रूपए की फिरौती मांगने में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सरकारी अध्यापक को मुक्त करवाया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए हाईवे पर करीब 100 किलोमीटर से भी अधिक तक पीछा किया और इसके बाद दोनों को पकड़ा।
थानाधिकारी आईपीएस प्रोबेश्वर माधव 1 उपाध्याय ने बताया कि हरिश पुत्र बद्रीलाल सालवी निवासी पलाना कलां मावली ने 12 1 जनवरी को मामला दर्ज करवाया कि उसके पिताजी बद्रीलाल सालवी जो राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बेडवास मे शिक्षक पद पर कार्यरत है। 9 जनवरी को उसके पिताजी घर से सुबह 8 बजे स्कूल जाने के लिए निकले थे, जो वापस घर नही आये। उसके बाद 10 जनवरी को 5 उसके पिताजी के व्हाटसएप्प से कॉल आया। जिसमे कुछ लडको व लडकी की आवाज आ रही थी जो कह रहे थे उसके पिताजी इनके कब्जे में है और उन्होंने उसके पिता को देबारी पावर हाउस के पास से उठा लिया है और उनको छोड़ने के एवज में 10 लाख रूपए मांगे। पैसा नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वे लोग उसके पिताजी के फोन को कभी बंद व कभी ऑन कर रहे थे। वह अपने परिजनों के साथ उसके पिता को तलाश रहा था कि फिर से व्हाट्स एप्प कॉल आया और 10 लाख रूपए मांगे। पुलिस ने मामला दर्ज कर थानाधिकारी भरत योगी, एएसआई भगवत सिंह, हैड कांस्टेबल अखिलेश्वर कुमार बाबूलाल, कांस्टेबल राजूराम, रामस्वरूप, नवलराम, नरेन्द्र सिंह, किरण कुमार, बनवारी, शंकरलाल, नंदकिशोर, सुरेन्द्र सिंह, लोकेश रायकवाल की टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की।
इस दौरान पुलिस ने देबारी पॉवर हाउस के पास से लेकर आस-पास के क्षेत्र के करीब 250 सीसीटीवी कैमरे चैक कर दो आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों का उदयपुर से चितौडगढ हाईवे पर पिछा किया तो आरोपी ने अपहृत शिक्षक बद्रीलाल सालवी को पुलिस के डर से हाईवे पर छोडकर फरार हो गए जिस पर पुलिस ने अपहृत बद्रीलाल सालवी को परिजनों के पास भेजा और आरोपियों का हाईवे पर करीब 100 किलोमीटर तक पीछा कर शिक्षक का अपहरण करने वाले लाला गाडरी पुत्र मांगू गाडरी निवासी भावली नयाघर फतहनगर और सुरेश गायरी पुत्र दुदाराम गायरी निवासी वकारी मगरी डबोक को गिरफ्तार किया और वारदात में प्रयुक्त स्कार्पियों को बरामद किया। पुलिस के अनुसार आरोपी सुरेश के खिलाफ उदयपुर जिले के विभिन्न थानो में 7 प्रकरण मारपीट और लूट के चल रहे है और आरोपी देवा गैंग का शातिर व सक्रिय अपराधी है।
250 कैमरे और 100 किमी पीछा पुलिस टीम ने सूचना मिलने के बाद से ही घटनास्थल और आस-पास के 250 से अधिक कैमरों की फुटेज लेकर स्कार्पियों कार के नम्बर ट्रेस किए और आरोपियों की पहचान की। पहचान होने के बाद सायबर सेल के सहयोग से लगातार आरोपियों का पीछा किया और 100 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद आरोपियों को पकड़ा।
Editorial

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