Jodhpur
जोधपुर (कास)। राजस्थान के फलोदी जिले के खीचन में डेमोसाइल क्रेन में एचऽएन। वायरस संक्रमण की पुष्टी के बाद फलोदी के खीचन पहुंची आईसीएमआर की नेशनल वायरलोजी इंस्टीट्यूट (एनआईवी) पुणे की टीम ने खीचन के प्रवास क्षेत्र तालाब, नाडी व चुग्गाघर के पास स्थित मैदानी क्षेत्र से पत्थर, कंकर, रेत, बीट व पानी के सैंपल संग्रहित किए।
टीम पक्षी चुग्गाघर पहुंच गई थी, लेकिन कुरजां की मौजूदगी होने से चुग्गाघर में नहीं जाकर पास ही स्थित मैदान से सैंपल संग्रहित किए।
बर्ड फ्लू से बचाव का दिया प्रशिक्षणः टीम के साथ आए चार वैज्ञानिकों ने वन विभाग व वन्यजीव प्रेमियों को बर्ड फ्लू जैसी स्थिति से निपटने के लिए किए जाने वाले उपायों की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा में लगी टीम को पक्षी प्रवास क्षेत्र में बर्ड फ्लू से आहत पक्षी को अन्य पक्षियों के समूह से अलग करने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन के सुगम व सरल उपाय सुझाए और प्रशिक्षण भी दिया।
टीम ने बर्ड फ्लू के दौरान रेस्क्यू व अन्य बचाव की गतिविधियां करने के लिए पीपीई किट आवश्यक तौर पर पहनने, मॉस्क लगाने की भी हिदायत दी। पूणे से आई टीम दोपहर को वनविभाग की टीम को प्रशिक्षण देने और सैपल एकत्र करने के बाद वापिस लौट गई।
Editorial

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