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लेकसिटी में झमाझमः स्वरूप सागर, उदयसागर के गेट खोले, फतहसागर भी छलकने को तैयार
By EditorialPublished on
Heavy rains in Udaipur - मानसूनी बादलों ने अंतिम दौर में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मंगलवार को उदयपुर जिले सहित पूरे संभाग और वागड़ को तरबतर कर दिया। ऐसी झड़ी लगी कि एक ही दिन में सारी मनोकामनाएं पूरी हो गई।

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Heavy rains in Udaipur उदयपुर (कार्यालय संवाददाता)। मानसूनी बादलों ने अंतिम दौर में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मंगलवार को उदयपुर जिले सहित पूरे संभाग और वागड़ को तरबतर कर दिया। ऐसी झड़ी लगी कि एक ही दिन में सारी मनोकामनाएं पूरी हो गई। कई नदी नाले उफान पर आ गए तो कई बांध छलक गए। रपटों पर पानी बहा तो पहाड़ों से झरनों का मनोरम दृश्य देख मन मयूर नाच उठा। लोग इतनी बेसब्री से इस बारिश का इंतजार कर रहे थे कि आज पूरे दिन दिली दिमाग पर बारिश के खबरें, बारिश की चर्चाओं का राज रहा। सोशल मीडिया पर ऐसा उत्सव्ह छलका कि पूरी दुनिया को पता चल गया कि उदयपुर में स्वरूप सागर, उदयसागर के गेट खुल गए हैं, मदार छोटा छलक गया, पिछोला लबालब है, माही डेम छलक गया है, फतहसागर की फतह होने की खुशखबरी बस आने ही वाली है, सीसारमा अपनी हदें पार कर रही है तो सोम कमला आंबा डेम भी छलकने को आतुर है। और आयड़ नदी के विकास के कामों पर पानी फिर गया है। बारिश का यह दौर पूरे संभाग में एक जैसा मूसलाधार रहा। सोमवार रात से यह सिलसिला शुरू हुआ जो मंगलवार शाम को थमा और रात को फिर से शुरू हो गया। सुबह पांच बजे बाद की बारिश की झड़ी और कड़कड़ाती बिजलियों ने बता दिया कि आज मानसूनी बादलों का मूड ही कुछ तूफानी है। सुबह ही कुछ स्कूलों ने अवकाश घोषित कर दिया लेकिन कई स्कूलों में एग्जाम के चलते बच्चों को भीगते हुए स्कूल पहुंचना पड़ा।
मौसम विभाग ने भी येलो अलर्ट जारी किया था। झमाझम बारिश के बीच आयड़ नदी में पानी आने से पहले ही उदयसागर के गेट खोलने पड़ गए। 24 फौट भराव क्षमता का उदयसागर देर रात तक ओवरफ्लो था, इसमें 22 फीट 10 इंच पानी था, दो गेट चार फीट 6 इंच खुले थे। अपील की कि बहाव वाली जगहों के पास फतहसागर 11 फीट को पार कर गया था। स्वरूप सागर 11 फीट पार कर गया व इसके चार गेट खुले थे। जिला कलेक्टर शाम को उदयसागर जायजा लेने पहुंचे व लोगों से न जाएं। दोनों मदार तालाब पर चादर का नजारा देखने लायक रहा तो बूझड़ा नदी को पहली बार उफान पर देखा गया। मदार में गांव का एक रास्ता पानी में डूब गया।
बारिश जानलेवा भी साबित हुई
सायरा के पानेर पटवार मंडल के गोदो का गुड़ा में बिजली गिरने से महिला की मौत हुई है। अनछी (30) पत्नी कालू सिंह राजपूत खेत से चारा लेकर घर लौट रही थी तब बिजली गिरी। बनास नदी के पास से सड़क पर होते हुए घर लौटते समय बिजली गिरी जिससे बेहोश होकर नीचे गिर गई। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।
कैचमेंट एरिया में अच्छी बारिश के बाद ताज अरावली होटल वाले रास्ते की पुलिया पर भी खूब पानी बहा। शहर में सेवाश्रम पुलिया के नीचे जोरदार बहार रहा तो कुम्हारों का भट्टा पर जलभराव हो गया। खेरवाड़ा में वादेश्वर मार्ग अवरुद्ध हो गया तो कन्या महाविद्यालय, आईटीआई, खोखदरा गांव जाने वाला रास्ता भी अवरुद्ध हो गए है। ऋषभदेव के पास सोमकागदार बांध पर चादर चल रही है और मोक्षधाम एनिकट पर दो फीट चादर चली। एनएच 27 पर गोगुंदा। में बारिश के कारण पहाड़ से कई जगह मलबा गिरा है।
सायरा मुख्य मार्ग से रावमादड़ा जाने वाले रास्ते पर पुलिया पर पानी बहने से आवागमन बाधित रहा। झाडोल के थोबावाड़ा नदी पार करते समय एक कोल्यारी निवासी शिक्षक ख्याली लाल ढोली शिक्षक बाइक सहित पानी में बह गया जिसे ग्रामीणों ने बचा लिया।
इस बीच उदयपुर में सर्वाधिक चर्चा आवड़ नदी के करोड़ों के विकास के कार्यों के धुलने की रही। पानी आते ही टाइलें, घास और अन्य विकास के काम तिनकों की तरह बह गए और पीछे बड़े सवाल छूट गए कि ऐसे विकास के काम क्यों करवाए गए जिनकी वजह से करोड़ों रूपए पानी में बह गए।

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