Prekshadhyan Sadhana
मुंबई। कांदिवली तेरापंथ भवन में साध्वी डॉ. मंगलप्रज्ञा के सान्निध्य में आठ दिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर (Prekshadhyan Sadhana) आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि प्रेक्षाध्यान शांति और आनन्द प्रदाता है। आत्मशक्ति के उद्‌घाटन का सशक्त माध्यम है। इसके प्रयोग से जीवन का रुपान्तरण संभावित है।
मंत्री प्यारचंद मेहता ने बताया कि शिविर का प्रारंभ प्रेक्षागीत संगान से हुआ। तुलसी महाप्रज्ञ फाउण्डेशन के अध्यक्ष मेघराज धाकड़ ने स्वागत करते हुए कहा कि यह शिविर सबके लिए फलदायी बनेगा, ऐसा विश्वास है। मुंबई तेरापंथ सभाध्यक्ष माणक धींग ने कहा कि प्रेक्षाध्यान पद्धति आत्म् कल्याण के साथ जनकल्याण करने वाली है। प्रेक्षा प्रशिक्षक पारस दुगड़ व प्रेक्षा प्रशिक्षिका मीना साषद्रा ने स्वागत किया।
साध्वी डॉ राजुल प्रभा ने कहा कि प्रेक्षाध्यान से इन्द्रिय संयम की चेतना का विकास संभव है। संचालन साध्वी डॉ शोर्य प्रभा ने किया। अकाद‌मी के विभागाध्यक्ष अशोक चिन्डालिया, कोषाध्यक्ष भगवतीलाल धाकड़, फ़ाउंडेशन के पूर्व अध्यक्ष के एल परमार, सायरा बैद, शांतिलाल कोठारी आदि उपस्थित रहे।
Editorial

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