apology ceremony
प्रातः काल संवादाता उदयपुर। सामाजिक संस्थान श्री महावीर युवा मंच (Mahavir Yuva Manch) संस्थान उदयपुर (Udaipur) तत्वावधान में शकर जैन (Jain) रागान का 25 समूहिक क्षमायाचना समारोह (apology ceremony) सुखाडिर रंगमंच पर जैन समाज के उदयपुर में विरराज विभिन्न परिशागाी के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि शहर विधाय चंद जैन ने उदयपुर की समस्त जनताको रिक रो रानी याच साध्वी (sadhvi) राख्दाग और शावक श्राविका समाज के साथ साथ संपूर्ण उदयपुर की जनता से भी क्षमा याचना की। संस्थान की गतविधियों के बारे सनकारी देते हुए आई परिवार की परिकल्पना की आवश्यकताई। फलामा ने बताया कि सैकड़ों आवनो है खपाछन गरे सुखाडिया रंगांग में सकार जैन समाज
(Jain Samaj)
का 25वें सामूहिक क्षणलापता समारोह में गुनि प्रथम सागर महाराव ने यहा कि अग के रनय पर पुष्टि दुर्लभ नहीं है बरन दुलंब वृष्टि नुश्किल है। हने क्या करना है, क्यों करना है, कैसे करना नमस्कार महामंत्र से हुआ। मंगलाचरण गुहा शुभारम्भ सामुदेक अपने दोषों को पहचान कर उन्हें मिटाना ही असली खमत खामणा सामूहिक क्षमायाचना समारोह में उमड़े शहर के हजारों श्रावक-श्राविकाएं है इसकी जानकारी होना आवश्यक है।
क्रोध से शक्ति नहीं आसक्ति बढ़ती है। पक्षिण बंद्रिका महालक्ष्मी संयमतता गावरान ने कहा कि रागस्त गुरु नगवंत साधु साध्यी समुदाय से क्षमा याचना करते हुर रागकुर गीत के गाध्यग से सभी से सामुहिक समा याचना करवाई। टूटे हुए दिल को केवल नाती से ही जोड़ा जा सकता है। कोध और कार आने पर अंकित राष दूल जाता है। हमेशा हरात मुस्कुराते रहे, गाते गुनगुनाते रहिए। मुनि समर्पित राम विजय महाराग ने कहा कि राही गायने में क्षगायना अपने हुदा के द्वार को खोल कर ही की जा राक है। का सार अमानना ही है।
क्षगा नापमा से हुहे बचाना जा सकता है। हुए संबंधों को मुनि संबोध कुमार मेधांश ने अपने प्रक्चन में कहा मांगने से कभी समेत कि माफी गुलती किसकी है लेकिन यह जरूर साबित हो जाता है कि आप प. इस दुनिया में श्रेष्ठ हो क्योंकि आपने गाफी गांगी है। साधरी हाँ संयम ज्योति महाराज ने कहा कि बिज्ञान कहता है कि शरीर से भोजन को 24 घंटे बाहर निकलना पाख्री है नहीं तो जहर बन जाता है उसी तरह से अपने मन के नकाररगक विगारों को रागय सगय पर चाहर निकलना अवश्यक है। मेडिटेशन, व्यान आदि से इन नकाराराक विगारों को बाहर निकाल सकते है।
रवीन्द्र कुमार नीरज ने कहा कि दांतों को आना ही विलक्षण क्षण है। सौभाग्यशाली क्षण है की चतुर्विद धर्मसंघ महिला प्रकोष्ठ भटेनों के द्वारा किया गया। रामसंस्थान कोर्डिनेटर चंद्रप्रकाश चोरडिया ने किया। आभार महेंद्र तलेसरा द्वारा ज्ञापित किया गया। संपारान विजयलक्ष्मी गडिया द्वारा किया गया। जीतो उदयपुर के अध्यक्ष वशवंत माग जैन संपाटना के अध्यक्ष वाशवंत कोठारी, जैन जागृति सेंटर के अध्यक्ष सुधीर चित्तौडा, ऋतु मारू, नीता जागेड़ गीना कापडिया, नेवा झगड़ाब्यत, जितय सिसोदिया, लोकेश कोठारी, श्याम नागौरी ीपक सिंचनी, नागया, सुमतिलाल दुदावत, ललित लौदा भादि उपस्थित थे
Editorial

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