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राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में आए थे तिरूपति के लड्डू
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आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तिरूपति (Tirupati) में लड्डू (Laddus) में मिले जानवर की चर्बी को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी चोट पहुंची है। इस घटना के बाद अयोध्या के संत समाज ने तीखा विरोध जताया है। राम जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ( Acharya Satyendra Das) ने इस घटना को बेहद निंदनीय और घृणित बताते हुए इसे एक देशद्रोही कृत्य करार दिया। उन्होंने कहा कि तिरूपति लड्डू श्रद्धालुओं के लिए बेहद पवित्र है, और इस प्रकार की हरकत से

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अयोध्या (एजेंसी)। आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तिरूपति (Tirupati) में लड्डू (Laddus) में मिले जानवर की चर्बी को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को गहरी चोट पहुंची है। इस घटना के बाद अयोध्या के संत समाज ने तीखा विरोध जताया है। राम जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ( Acharya Satyendra Das) ने इस घटना को बेहद निंदनीय और घृणित बताते हुए इसे एक देशद्रोही कृत्य करार दिया। उन्होंने कहा कि तिरूपति लड्डू श्रद्धालुओं के लिए बेहद पवित्र है, और इस प्रकार की हरकत से उनकी आस्था को ठेस पहुंचाई गई है। मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा, ये लड्डू राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी अयोध्या आया था और इस तरह की घटना से सभी भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। ऐसे कृत्य के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
संत समाज की प्रतिक्रिया राष्ट्रवादी बाल संत दिवाकर आचार्य ने भी इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ये एक जघन्य अपराध है और इस प्रकार की गतिविधियों को धर्म को भ्रष्ट करने की साजिश कहा जा सकता है। लड्डू में मांस मिलना जिहाद को बढ़ावा देने जैसा है, और ऐसे काम करने वालों के लिए फांसी जैसी सख्त सजा होनी चाहिए। सरकार को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून बनाने चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय साजिश का शक
राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय साजिश बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि तिरूपति लड्डू सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि पूरे देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। इस तरह की घटना के जरिए न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है, बल्कि यह भारत की धार्मिक विरासत पर हमला है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए संत समाज ने सरकार से तत्काल जांच और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है।

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