Bank of Maharashtra
पुणे। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने अपना 90वां स्थापना दिवस (90th Foundation Day) मनाया। कार्यक्रम में बैंक की समृद्ध विरासत को नमन करने के साथ ही इसके भविष्य के प्रयासों की झलक भी शामिल थी। कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन मुख्य अतिथि थीं। एम. नागराजू, सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग प्रमुख अतिथि थे। इस अवसर पर एक अग्रणी बैंक के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने तथा अपने प्रभाव का विस्तार करने के लिए कई पहलों की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि बैंक बेहतर गवर्नेंस और समावेशिता को बढ़ावा दे रहा है। वित्त मंत्री ने बैंक के वित्तीय कार्य निष्पादन की सराहना की। उन्होंने बैंक द्वारा प्रदर्शित बेहतरीन कार्यनिष्पादन का उल्लेख किया। वित्त मंत्री ने यह पाया कि बैंक ने हाल ही में बजट में की गई घोषणाओं में से एक घोषणा की पूर्ति की और एमएसएमई के लिए एक विशेष उत्पाद तैयार किया है, जिसमें फंडिंग उनके डिजिटल फुटप्रिंट पर आधारित है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि बैंक ने व्यवसायों और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में सहायता करने के लिए इन डिजिटल फुटप्रिंट्स का बेहतर उपयोग किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन पर प्रकाश डाला, जिसके प्रमुख स्तंभ आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और बेहतर गवर्नेंस हैं।
एम. नागराजू, सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग ने लगातार बेहतर कार्यनिष्पादन के लिए कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की और बैंकों को उच्च श्रेणी की ग्राहक सेवा प्रदान करने के लिए एकीकृत जोखिम प्रबंधन प्रणाली, मजबूत साइबर सुरक्षा उपाय और नवोन्मेषी डिजिटल इंटरवेंशन अपनाने की सलाह दी।
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ निधु सक्सेना ने कहा कि वंचितों की सेवा करके और एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाकर, हम वास्तव में समावेशी विकसित भारत हेतु योगदान दे रहे हैं। बैंक ने सामाजिक उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह हमारा दायित्व है कि हम न केवल अपने वित्तीय भविष्य की रक्षा करें, बल्कि पर्यावरण और जैव विविधता की भी संरक्षा करें।
Editorial

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