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आखिरकार जिन्दगी की जंग हार गई आरएएस प्रियंका विश्नोई
By EditorialPublished on
जोधपुर (Jodhapur) की असिस्टेंट कलेक्टर (ACM) प्रियंका विश्नोई (Priyanka Vishnoi) (33) का 13 दिन चले इलाज के बाद बुधवार देर रात अहमदाबाद (Ahmedabad) के हॉस्पिटल में निधन हो गया। 5 सितंबर को जोधपुर के वसुंधरा हॉस्पिटल (Vasundhara Hospital) में बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया था, लेकिन उनकी हालत बिगड़ गई थी। परिवार वाले उन्हें सिम्स (अहमदाबाद) ले गए थे। परिवार ने वसंधुरा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।

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जोधपुर (कासं)। जोधपुर (Jodhapur) की असिस्टेंट कलेक्टर (ACM) प्रियंका विश्नोई (Priyanka Vishnoi) (33) का 13 दिन चले इलाज के बाद बुधवार देर रात अहमदाबाद (Ahmedabad) के हॉस्पिटल में निधन हो गया। 5 सितंबर को जोधपुर के वसुंधरा हॉस्पिटल (Vasundhara Hospital) में बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया था, लेकिन उनकी हालत बिगड़ गई थी। परिवार वाले उन्हें सिम्स (अहमदाबाद) ले गए थे। परिवार ने वसंधुरा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।
2016 बैच की आरएएस अफसर थीं: प्रियंका 2016 बैच की राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (RAS) की अफसर थीं। उनका ट्रांसफर पिछले दिनों नगर निगम उपायुक्त पद पर हुआ था, लेकिन अस्पताल में होने की वजह से वे जॉइन नहीं कर पाई थीं। प्रियंका का अंतिम संस्कार फलोदी के सुरपुरा (ससुराल) में होगा।
हॉस्पिटल का तर्क सर्जिकल किसी तरह की परेशानी नहीं थीः वसुंधरा हॉस्पिटल (जोधपुर) के डॉ. संजय मकवाना ने कहा- सर्जिकल कोई कॉम्पिलकेशन नहीं था। उनके (प्रियंका विश्नोई) ब्रेन में जन्म से एक एवी मालफॉर्मेशन (ब्रेन की पतली दीवार) था। वह यंग एज में कभी भी लीक कर सकता है। दुर्भाग्यवश ऑपरेशन की 24 घंटे की रिकवरी के बाद लीक हुआ। उस दिन स्ट्रेस के कारण उनमें लक्षण आने शुरू हो गए थे। सीटी स्कैन में भी यह बात पता चली थी। जानकारी के अनुसार, RAS अफसर प्रियंका विश्नोई को पेट में दर्द होने की शिकायत थी। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चेदानी में गांठ है। उन्होंने ऑपरेशन करवाने की सलाह दी थी। इसी के चलते उनका जोधपुर के वसुंधरा हॉस्पिटल में 5 सितंबर को भर्ती करवाया गया था। इसी दिन शाम को डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया था।
6 सितंबर को बिगड़ने लगी थी तबीयत: 6 सितंबर को तबीयत बिगड़ने लगी। हालात में सुधार नहीं हुआ तो 7 सितंबर को परिवार वाले अहमदाबाद के सिम्स हॉस्पिटल ले गए, जहां 18 सितंबर की रात को प्रियंका ने दम तोड़ दिया। इधर, विश्नोई के परिवार वालों ने वसुंधरा हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कलेक्टर (Collector) को शिकायत दी थी कि उन्हें एनेस्थीसिया ज्यादा दिया गया है या ऑपरेशन के दौरान खून ज्यादा बह गया है।
पुलिस के आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरनाः गुरुवार सुबह करीब 11 बजे से विश्नोई समाज के लोग एम्स के पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए। आरोपी डॉक्टर हॉस्पिटल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। डीसीपी वेस्ट राजश्री राज वर्मा की अध्यक्षता में बनी टीम ने विश्नोई समाज के लोगों से बात की। टीम ने बताया कि सरकार की गाइड लाइन के अनुसार गठित टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस मामला दर्ज कर सकती है। इसके बाद करीब शव उठाने पर सहमति बनी और करीब साढ़े चार घंटे बाद धरना खत्म हो गया।

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