dikshant samaroh
कार्यालय संवाददाता जयपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Draupadi Murmu) ने कहा है कि तकनीकी शिक्षा ( technical Education) के क्षेत्र में देश विश्वभर में अग्रणी बने। इसके लिए प्रौद्योगिकी संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सभी मिलकर कार्य करें। उन्होंने राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षण संस्थाओं को शोध अनुसंधान में मौलिक दृष्टि रखते हुए कार्य करने, पर्यावरण अनुकूल तकनीक अपनाने और विकसित भारत की संकल्पना के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करने का आह्वान किया।
श्रीमती मुर्मु बुधवार को एमएनआईटी के 18वें दीक्षांत समारोह (convocation) में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने समारोह में 20 में से 12 स्वर्ण पदक छात्रा ओं को मिलने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि लड़कियां आगे बढ़ती हैं, तो देश तेजी से विकास पथ पर आगे बुधवार, 18तम्बर, 2024 बढ़ेगा। उन्होंने संस्थान की फैकल्टी में एक तिहाई महिलाएं होने को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश के प्रौद्योगिकी संस्थानों को नेशनल इंस्टीट्यूट के रूप में राष्ट्र महत्व के संस्थान का दर्जा दिया गया है कि ताकि इनके जरिए भारत तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़े। राष्ट्रपति ने समारोह में 805 स्नातक, 477 स्नातकोत्तर और 79 पीएचडी विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की और 20 स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने छात्रों के लिए निर्मित अरावली छात्रावास का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
(Governor Haribhau Bagde)
ने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 'विकसित भारत 2047' की जो संकल्पना संजोई है, उसका मूल आधार यही है कि देश सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास की ओर आगे बढ़े। इसमें युवाओं की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने युवाओं से अर्जित तकनीकी ज्ञान का राष्ट्र के विकास में उपयोग करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रही है। सरकार द्वारा आगामी 5 वर्षों में चार लाख सरकारी भर्तियां की जाएगी। इस वर्ष भी एक लाख से अधिक पदों पर भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए युवा नीति- 2024 तथा कौशल क्षमता विकास के लिए नई स्टेट रिकल पॉलिसी लाई जा रही है, जिससे युवाओं की प्रगति का मार्ग प्रशस्त हो सके। शर्मा ने कहा कि युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने तथा उनमें उद्यमिता बढ़ाने के लिए अटल एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है, जिसके माध्यम से युवाओं को देश-विदेश के उत्कृष्ट सीईओ का मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही, इसके तहत चयनित स्टार्टअप्स को 10 करोड़ रूपए तक की फंडिंग भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
Editorial

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