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जोधपुर-फलोदी में बारिश से 25 फीसदी क्षेत्र में फसलें खराब
By EditorialPublished on
सावन-भादवा में लगातार अच्छी बारिश और अतिवृष्टि होने के बावजूद जोधपुर (Jodhapur) और फलोदी जिलों में खरीफ की फसलें लहलहा रही हैं। इस साल की बारिश ने किसानों की मेहनत को रंग लाने का मौका दिया है। हालांकि, अतिवृष्टि के कारण दोनों जिलों के 25 प्रतिशत भूभाग में जलभराव के चलते फसलों में 80 प्रतिशत तक खराबा हुआ है।

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तिंवरी (कास)। सावन-भादवा में लगातार अच्छी बारिश और अतिवृष्टि होने के बावजूद जोधपुर (Jodhapur) और फलोदी जिलों में खरीफ की फसलें लहलहा रही हैं। इस साल की बारिश ने किसानों की मेहनत को रंग लाने का मौका दिया है। हालांकि, अतिवृष्टि के कारण दोनों जिलों के 25 प्रतिशत भूभाग में जलभराव के चलते फसलों में 80 प्रतिशत तक खराबा हुआ है।
खास बात यह है कि 25 प्रतिशत क्षेत्र में 80 फीसदी खराबे के बावजूद, 75 प्रतिशत बचे हुए क्षेत्र में खरीफ फसलों की बंपर पैदावार का अनुमान है। सिंचित और असिंचित क्षेत्रों में किसानों ने खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई में पूरी ताकत झोंकी, जिससे सभी फसलों का रकबा 13 लाख हेक्टेयर के पार चला गया है। कृषि विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य 100 फीसदी पूरा हो चुका है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 10 फीसदी अधिक है।
13 लाख हेक्टेयर में खरीफ बुवाईः अधिकारी ने बताया कि जिले में 6.60 लाख हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र जलभराव से प्रभावित है, जबकि कुल खरीफ बुवाई 13 लाख हेक्टेयर यानी 80 लाख बीघा क्षेत्र में की गई है। । इस वर्ष सितंबर के पहले पखवाड़े तक औसत से कहीं अधिक बारिश हो चुकी है, जिससे खेतों में हरियाली की चादर चढ़ गई है।
70 प्रतिशत खेती मानसून पर निर्भरः किसानों में तिलहन, दलहन, कपास, बाजरा और ग्वार की बुवाई में विशेष रुझान देखा गया है। बाजरा की बुवाई का रकबा इस बार 4.5 लाख हेक्टेयर से अधिक है। जोधपुर और फलोदी में 70 प्रतिशत खेती मानसून पर निर्भर है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के चलते दलहन, बाजरा, मूंगफली और ग्वार की पैदावार में भी बढ़ोतरी होगी।
प्रति बीघा 15 से 25 प्रतिशत उत्पादन बढ़ने का अनुमानः एग्रीकल्चर विभाग के बाबूलाल जोया ने बताया कि इस बार प्रति बीघा 15 से 25 प्रतिशत उत्पादन बढ़ने का अनुमान है, जिससे चारे की कमी का संकट नहीं रहेगा। पिछले वर्षों में पशुपालकों और गोशालाओं को चारा तीन गुने भाव पर खरीदना पड़ा था।
अच्छी बारिश से ओरण और घरों में बने टांके लबालबः शेरगढ़ तहसील के गांवों में गर्मियों में भीषण पेयजल संकट रहता है, लेकिन इस बार अच्छी बारिश से ओरण और घरों में बने टांके लबालब हो गए हैं। चाबा सरपंच प्रतिनिधि भीकमचंद चोपड़ा के अनुसार, आने वाली गर्मियों में पेयजल संकट से राहत मिलेगी।
डॉ. आभा बंसल, कृषि अधिकारी, उद्यान जोधपुर ने कहा कि इस वर्ष लगातार अच्छी बारिश के कारण फसलों में अच्छी बढ़वार हुई है और जहां खेतों में पानी भरा है, वहां भूमिगत जल स्तर में भी काफी बढ़ोतरी की संभावना है। भूमि में नमी रहने के चलते रबी फसलों की बुवाई भी आसानी से की जा सकेगी।

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