Acharya Bhikshu
मुंबई। साध्वी शकुन्तला कुमारी के सान्निध्य में भिक्षु चरमोत्सव विलेपार्ले में आयोजित हुआ। साध्वी शकुन्तला कुमारी ने भिक्षु स्वामी अंतर्यामी आओ आज बुलावा हां, सुरंगा में के काम करो थे, म्हे तो समझ न पावा हां गीत का संगान करते हुए कहा कि चतुर्भुज आचार्य भिक्षु सत्य के उपासक थे। उन्होंने पद-प्रतिष्ठा, सुख-सुविधाओं को तिलांजलि देकर अध्यात्म का प्रकाश दिया। साध्वी संचितयशा ने कहा कि आचार्य भिक्षु 19वीं सदी के तेजस्वी व वर्चस्वी संत थे। साध्वी जागृतप्रभा ने कविता की प्रस्तुति दी। चांदमल दूगड़, गिरीश सिंघवी, रमिला गन्ना, महिला मंडल अध्यक्ष रेखा कोठारी, मंत्री अंकिता वडाला, सुशीला वडाला, सुमित्रा वड़ाला, कुसुम कोठारी, सुनील वडाला ने विचार रखे। संचालन साध्वी रक्षित यशा ने किया।
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