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17 साल बाद भरा जसवंत सागर बांध
By EditorialPublished on
इस बार के मानसून (Monsoon) सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई। इसके चलते प्रदेश के अलग अलग जिलों के बांध में भी पानी की अच्छी खासी के बाद अब बांध छलकने लगा है। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की टीम में भी मुस्तैद है। 2007 के बाद अब एक बार फिर से बांध पूरी तरह से भर चुका है। आवक हुई। जोधपुर (Jodhapur) जिले के बिलाड़ा के जसवंत सागर बांध (Jaswant Sagar Dam) का गेज पूरा होने की वजह से बांध से पानी छलकने लगा है। चादर चलने की वजह से यहां पर बड़ी संख्या में लोग आ गए हैं। इसके चलते मेले सा माहौल नजर

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जोधपुर (कासं)। इस बार के मानसून (Monsoon) सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई। इसके चलते प्रदेश के अलग अलग जिलों के बांध में भी पानी की अच्छी खासी के बाद अब बांध छलकने लगा है। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस की टीम में भी मुस्तैद है। 2007 के बाद अब एक बार फिर से बांध पूरी तरह से भर चुका है। आवक हुई। जोधपुर (Jodhapur) जिले के बिलाड़ा के जसवंत सागर बांध (Jaswant Sagar Dam) का गेज पूरा होने की वजह से बांध से पानी छलकने लगा है। चादर चलने की वजह से यहां पर बड़ी संख्या में लोग आ गए हैं। इसके चलते मेले सा माहौल नजर आ रहा है। बांध की जल क्षमता 26.50 फीट है। इसके पूरा होने बता दें कि इस बांध के पानी से भावी, हरियाडा, मालकोसनी, बड़ी कला, बड़ी खुर्द, गुजरावास, बाला, पिचियाक, लांबा सहित बिलाड़ा के आसपास के क्षेत्र में जमीन पर सिंचाई की जाती है। इस बांध का 1890 में निर्माण शुरू किया गया था करीब 10 साल बाद 1899 में यह बनकर तैयार हुआ। उस समय इसकी लागत 9 लाख 50 हजार आई थी। इसकी भराव क्षमता 26.50 फीट है। बांध का कैचमेंट एरिया 3365 स्क्वेयर किलोमीटर है। इसकी लंबाई करीब 11.20 किलोमीटर है। आईएसबीएन से सिंचाई के लिए दो नहरें निकलती हैं। इसमें प्रथम पड़ासला नहर है। जिसकी लंबाई 24 किलोमीटर है। इसके अलावा दो छोटी नहर मालकोसनी 6.3 किलोमीटर और होसलपुर डेढ़ किलोमीटर निकलती है। वहीं दूसरी भावी नहर 7.60 किलोमीटर है।

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