Fake notes printing
उदयपुर, नगर संवाददाता | शहर की प्रतापनगर थाना पुलिस ने देवारी में एक किराए के मकान में नकली नोट (Fake notes) छापते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 26 लाख 50 हजार रूपए के नकली नोट और इन आरोपियों की सूचना पर पुलिस टीम ने चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 लाख 20 हजार रूपए के नकली नोट बरामद किए। पुलिस टीम ने 500-500 के कुल 36 लाख 70 हजार बरामद कर नकली नोट छापने के उपकरण बरामद किए है।
एसपी योगेश गोयल ने बताया कि प्रतापनगर थाने के कांस्टेबल बनवारी लाल व शंकरलाल को सूचना मिली कि देबारी के पास वैशाली नगर में प्रकाश लखारा निवासी कानोड़ के मकान में फर्जी नोट बनाने का काम किया जा रहा है। इस मकान में रहने वाले रौनक रातलिया, राहुल लोहार व एक अन्य लडका अभी मकान में यह काम कर रहे है। इस सूचना पर प्रतापनगर थानाधिकारी भरत योगी को बताया। जिस पर थानाधिकारी भरत योगी व सविना थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में एएसआई मोहन सिंह, चंदन सिंह, कांस्टबल नन्दकिशोर गुर्जर, राजूराम, रामस्वरूप, सांवता राम, नवलराम, श्यामलाल, नेतराम की टीम ने इस मकान पर कार्यवाही की तो वहां पर मकान के अन्दर राहुल लौहार पुत्र राजमल लौहार निवासी सरवानिया कानोड, रौनक रातलिया पुत्र भगवतीलाल रातलिया निवासी नया बाजार कानोड, अजय भारती पुत्र बाबूभारती निवासी संगेसरा मंगलवाड को गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्जे से करीब 26 लाख 50 हजार रूपये के जाली नोट व जाली नोट बनाने के उपकरण जब्त किए।
मुख्य आरोपी राहुल लौहार की सूचना पर सविना थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने लखन उर्फ कालू पुत्र छगन लाल मालवीय निवासी नान्दलेटा पिपलोदा रतलाम, समीर पुत्र सलीम मंसूरी निवासी पिपलोदा रतलाम, शहजाद शाह पुत्र अकबर शाह निवासी नान्दलेटा पिपलोदा रतलाम, बबलु उर्फ समीर जाट पुत्र गणेश जाट निवासी चारभुजा मन्दिर के पास मलाण सुभाष नगर भीलवाडा को गिरफतार कर उनके कब्जे से 10 लाख 20 हजार रूपये के जाली नोट बरामद किए।
मर्चेन्ट नेवी में नौकरी का झांसा देकर छापता था नोट
पूछताछ में आरोपी राहुल लौहार ने बताया कि वह शुरू से ही जल्द पैसे वाला बनना चाहता था, इसलिए उसने घर पर मर्चेन्ट नेवी मे नौकरी करने की झूठी बात घरवालो को बता रखा था। आरोपी राहुल ने अपनी महत्वकांक्षा पूरी करने के लिए नकली नोट का काम करने वाले लोगो से मिलना शुरू किया। तभी उसकी पहचान गणेशलाल चोधरी निवासी भीलवाडा से हुई जो खुद भी लोगो के साथ धोखाधडी करने मे शातिर था।
गणेश लाल से मिलकर राहुल ने नकली नोटो को बनाने का प्लान किया एंव गणेशलाल चौधरी के मार्फत नकली नोट बनाने के उपकरण प्रिंटिंग मशीन, रंगीन प्रिंटर, बैंक नोट पेपर की शीट, नोट काटने का कटर मंगवाए तथा अपने दोस्त रौनक जैन के किराए के मकान में इन उपकरणों का सेटअप कर जाली नोट बनाने का काम शुरू किया। राहुल लोग छापे गए 36 लाख 70 हजार के जाली नोट को गणेशलाल के मार्फत लाना एवं बाजार में चलाने का प्लान बना रहा था। इसलिए मुख्य आरोपी राहुल लौहार ने अपनी इस योजना में रौनक जैन, अजय भारती, बबलु उर्फ समीर जाट, शहजाद, समीर मंसुरी व लखन उर्फ कालू को भी शामिल किया।
चिकित्सक की किडनेपिंग करना चाहता था
मुख्य आरोपी राहुल लौहार ने पूछताछ में यह भी बताया कि शार्ट कट तरीके से पैसे कमाना चाहता था। इसके लिए उसने कानोड के नामी डॉक्टर का भी किडनेप कर फिरौती लेने की फिराक में था। इसके लिए राहुल लौहार ने अपने दोस्तो के साथ किडनेपिंग की योजना भी बनाई थी लेकिन वो योजना सफल नही हो सकी।
Editorial

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