virtuous can appreciate virtues
मुंबई। चेन्नई में श्रमण संघीय युवाचार्य महेंद्र ऋषि महाराज ने कहा कि जिस तरह एक चूहा हाथी की ताकत नहीं जान सकता, उसी प्रकार गुणवान ही गुणों की कद्र कर सकता है। गुणवानों के मध्य गुणों की चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि महावीर भगवान पर कैसा भी उपसर्ग आया लेकिन उन्होंने अपने आत्मविश्वास को कम नहीं होने दिया। बाहर के पदार्थों को दूर रखने वाला वीर कहलाता है।
इस दौरान मुम्बई पनवेल स्थानकवासी जैन संघ अध्यक्ष राजेश बांठिया, उपाध्यक्ष नितिन मुनोत, मंत्री शीतल बांठिया, मेवाड़ उपसंघ पनवेल संरक्षक मदनलाल चपलोत, अध्यक्ष शैलेन्द्र खेरोदिया, मंत्री राकेश संचेती, कोषाध्यक्ष विजय श्रीमाल आदि ने युवाचार्य से वर्ष 2025 के चातुर्मास का आग्रह किया। यह जानकारी सुनिल चपलोत ने दी।
Editorial

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