Khamat Khamana
मुंबई। दक्षिण मुम्बई में मुनि कुलदीप कुमार एवं मुनि मुकुल कुमार के सानिध्य में पर्यूषण की समाप्ति पर खमत खामणा (Khamat Khamana) कार्यक्रम आयोजितहुआ। मुनि कुलदीप कुमार ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन गुणों का महान संचयन है। उनकी सहिष्णुता हमारे लिए आदर्श और अनुकरणीय बने। उनकी अहिंसा को अपनाकर हिंसा नफरत और आतंक मुक्त समाज संरचना के स्वप्न को साकार करें। मुनि मुकुल कुमार ने जीवन कौशल, जीवन प्रबंधन एवं उन्नति के सूत्रों पर उद्बोधन देते कहा कि एक संकल्प अवश्य करें कि मैं अपने क्रोध पर विजय प्राप्त करने का प्रयत्न करूंगा। क्योंकि क्रोध आक्रोश या उत्तेजना वर्तमान युग की ज्वलंत समस्या है। सारे अपराधों, दुखों,अशांति एवं अमानवीय कार्यों के लिए क्रोध और आवेग ही जिम्मेदार हैं। क्रोध मनुष्य की विवेक चेतना को ही नष्ट नहीं करता अपितु उसके सपनों, शुभ भविष्य, सुख, शांति, समृद्धि और ज्योतिर्मय जीवन को भी नष्ट कर देता है। आचार्य महाप्रज्ञ विद्या निधि फाउंडेशन, तेरापंथी सभा, युवक परिषद, महिला मंडल, अणुव्रत समिति, किशोर मंडल, कन्या मंडल, ज्ञानशाला परिवार एवं श्रावक समाज सक्रिय रहा।
Editorial

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