Samvatsari
मुंबई। साध्वी शकुन्तला कुमारी के सान्निध्य में संवत्सरी व क्षमायाचना का आयोजन हुआ। साध्वी शकुन्तला कुमारी ने पर्व की महत्ता बताते हुए कहा कि आज के दिन आत्मावलोकन कर मन की गांठों को खोलना है। महासती चन्दनबाला के आख्यान का वाचन किया।
साध्वी संचितयशा ने जैन धर्म के प्रभावक आचार्यों पर प्रकाश डाला। साध्वी जागृतप्र‌भा ने पांच तीर्थकरों व विशिष्ट आचार्यों से परिचित करवाया। साध्वी रक्षितयशा ने मनुष्य जीवन की दुर्लभता के बारे में बताया। विलेपार्ले युवक परिषद् के महेन्द्र वडाला, चेतन सिंघवी, अनील बाफना, सुनील वडाला, कल्पेश वडाला, मुकेश वडाला, भूपेंद्र डागलिया, रेखा कोठारी, अंकिता कोठारी, अनिता सिंघवी, कुसुम कोठारी, नीता वडाला, वनिता वडाला, सारिका वडाला, रीना बाफना, शिल्पा डागलिया, भावना डागलिया ने मंगलाचरण किया। प्रेक्षा सुराणा व सीमा बाफना ने प्रस्तुति दी।
Editorial

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