PM Modi Al Nahyan
नई दिल्ली (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अबू धाबी के वली अहद (युवराज) शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (Al Nahyan) के साथ व्यापक वार्ता की और दोनों देशों ने समग्र रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए ऊर्जा सहयोग बढाने के लिए सोमवार को चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के बीच दीर्घकालिक एलएनजी आपूर्ति के लिए एक समझौता और एडीएनओसी और इंडिया स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड के बीच एक समझौता भी उन चार समझौतों में शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमीरात परमाणु ऊर्जा कंपनी (ईएनईसी) और न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) ने भी बाराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के संचालन और रखरखाव के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। चौथा समझौता अबू धाबी तटवर्ती ब्लॉक वन के लिए ऊर्जा भारत और एडीएनओसी के बीच उत्पादन रियायत समझौता है। भारत में फूड पार्क स्थापित करने के लिए गुजरात सरकार और अबू धाबी डेवलपमेंट होल्डिंग कंपनी पीजेएससी के बीच एक अलग समझौता किया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि मोदी और युवराज अल नाहयान ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने के उद्देश्य से भारत और यूएई के बीच बहुआयामी संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, भारत-यूएई संबंधों में शानदार प्रगति हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की।
जायसवाल ने कहा, दोनों नेताओं ने बहुआयामी भारत यूएई संबंधों और नए एवं उभरते क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने के अवसरों पर चर्चा की। नाहयान अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के तहत रविवार को नयी दिल्ली पहुंचे। मोदी से बातचीत के बाद शाह ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
जायसवाल ने एक अन्य पोस्ट कहा, उनकी शिक्षाएं हमें प्रेरित करती रहती हैं। हम यूएई के साथ अपनी दोस्ती को मजबूत कर रहे हैं। समझा जाता है कि अपनी बातचीत के दौरान मोदी और अल नाहयान ने गाजा में स्थिति सहित वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया। भारत यूएई संबंधों में पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगाढ़ता आई है। अगस्त 2015 में मोदी की यूएई की ऐतिहासिक यात्रा के बाद, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया था। दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार के लिए भारतीय रूपये और दिरहम (संयुक्त अरब अमीरात की मुद्रा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फरवरी 2022 में एक व्यापक अर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) और जुलाई 2023 में एक स्थानीय मुद्रा निपटान (एलसीएस) प्रप्णाली पर हस्ताक्षर किए। अधिकारिक अंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में लगभग साथ दोनों देश एक-दूसरे के शीर्ष व्यपारिक साडोवारों में से हैं। 2022-23 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में भी यूएई, भारत में शीर्ष चार निवेशकों में शामिल है।
Editorial

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