Sadhvi Kumudlata
मुंबई। डोंबिवली कल्याण उपसंघ में साध्वी कुमुदलता (Sadhvi Kumudlata) मसा आदि ठाणा 4 के सानिध्य में हुक्मीचंद मसा के छंद का अनुष्ठान हुआ। इस अवसर पर महासती ने कहा कि जीवन क्षणभंगुर है और हमें जीवन का महत्व समझते हुए ईश्वर के साथ अपनी आत्मा का साक्षात्कार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शरीर कब नष्ट हो जाएगा, यह हमें खुद ही मालूम नहीं है तो फिर हम धर्म से विमुख क्यों हैं? उन्होंने कहा कि धर्म ही जीवन का आधार होना चाहिए। साध्वी महाप्रज्ञा मसा साध्वी पदमकीर्ति मसा साध्वी राजकीर्ति मसा ने भी अपने विचार रखे। डोंबिवली उपसंघ अध्यक्ष बसंतीलाल चपलोत, चातुर्मास समिति अध्यक्ष विमल डाँगी ने अतिथि सम्मान किया। मेवाड़ संघ महामंत्री प्रकाश नाहर ने महासती द्वारा गोरेगांव मेवाड़ भवन में किए चातुर्मास की यादों को ताजा करते हुए कहा कि चातुर्मास में धर्म आराधना को लेकर समाज बड़ा सजग हुआ था। नाहर ने कहा कि महासती ने डोंबिवली में मेवाड़ के प्रवासी बंधुओं को एक नया अवसर दिया है, जिसका सभी को लाभ लेना चाहिए। इस अवसर पर मेवाड़ संघ मुंबई अध्यक्ष भेरुलाल लोढा, कोषाध्यक्ष फूलचंद नाहर के नेतृत्व में लादूलाल बाफना, महावीर तातेड, मोहनलाल लोढा, प्रकाश मादरेचा, देवीलाल वडाला, कृष्णा तलेसरा, बिमल बोल्या, सुरेश सिंघवी, पवन कोठारी, प्रकाश कच्छारा, बाबूलाल बडोला, पुष्कर आंचलिया, महावीर डाँगी, राजेश मेहता, देवीलाल मादरेचा, राजेन्द्र चपलोत, वक्तावरमल सिसोदिया, लोकेश कागरेचा, देवीलाल बोहरा, राजेश सियाल, दिनेश वडालमिया, अशोक सेठिया, बलवन्त बोलीया, स्वास्थ्य समिति संयोजक संजय सियाल, मनीष पीपाडा, नवल सियाल, धीर पोखरणा, बलवंत बोलिया, भैरूलाल बोहरा, मोतीलाल नावेडीया, पिंकी नाहर, अंजू सांखला, अनिल वडालमिया, प्रवीण बोहरा, ललित कोठारी, रमेश हिरण, अनिल जैन, मुकेश चपलोत, अनिल खाब्या, भगवतीलाल लोढा, दिनेश खरवड़, लोकेश तातेड़, बाबूसिंह बोलिया आदि उपस्थित रहे। यह जानकारी संघ कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र बाफना ने दी।
Editorial

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