मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) ने कहा है कि बेंगलुरु में दो दिन तक चले इंटरेक्टिव सेशन के दौरान 3200 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं और सात हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। एचएएल की ओर एमपी में नया सेंटर खोलने की सहमति बनी है।

Dr. Mohan Yadav
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) ने कहा है कि बेंगलुरु में दो दिन तक चले इंटरेक्टिव सेशन के दौरान 3200 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं और सात हजार से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। एचएएल की ओर एमपी में नया सेंटर खोलने की सहमति बनी है। इसके अलावा स्पेस टेक्नोलॉजी के नेसकॉम, इंफोसिस, टीसीएस के साथ राउंड टेबल चर्चा में एमपी में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। आयोजन में 500 से अधिक उद्योगपति व निवेशक शामिल हुए हैं। तीस से अधिक उद्योगपतियों के साथ उनकी बैठक हुई है। गूगल क्लाउड ने एमपी में स्टार्टअप सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाने का प्रस्ताव दिया। एमपी की ओर से चार प्रकार के प्रजेंटेशन दिए गए। आईटी सेक्टर में चार एमओयू हुए हैं। दो दिन तक चले इंटरेक्टिव सेशन के बाद सीएम यादव ने यह जानकारी बेंगलुरु में पत्रकारों को दी।
इसके पहले इंटरेक्टिव सेशन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बेंगलुरु में अलग-अलग सेक्टर के उद्योगपतियों से कहा है कि आपको बेंगलुरु में ही नहीं रुकना है, दुनिया और देश में छा जाना है। आप मध्यप्रदेश में और अधिक ताकत के साथ अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। कर्नाटक और एमपी का रिश्ता भाई बहन का बन रहा है। आईटी, एनर्जी, टूरिज्म, एमएसएमई, फूड इंडस्ट्री, हार्टिकल्चर, एग्रीकल्चर सेक्टर में इंडस्ट्री की बड़ी संभावनाएं एमपी में हैं। सीएम ने पुराने जमाने के पत्र लिखने का जिक्र करते हुए कहा कि हम पत्र लिखते हैं तो अपने काम की सारी बातें लिखते हैं और फिर अंत में लिख देते हैं कि आगे क्या लिखूं, आप तो खुद समझदार हैं। वैसा ही अनुरोध मैं भी आपसे कर रहा हूं। बेंगलुरु में तीसरे इंटरेक्टिव सेशन के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि सरकार जब मदद करती है तो अपनी उद्यमशीलता प्रारंभ होती है। सरकार को मदद करने में पीछे नहीं रहना चाहिए। यह व्यवस्था विक्रमादित्य के शासन में बनी थी। उन्होंने अपने समय में लोगों का कर्ज खत्म करने के साथ अपने उद्यम लगाने के लिए अलग-अलग राशि दी थी। विक्रमादित्य के काल में शुरू हुआ विक्रम संवत हमारे लिए मिसाल है।
सीएम यादव ने कहा कि बेंगलुरु के लोगों ने अपना पसीना बहाकर देश में नाम बनाया है। हमारी उद्यमशीलता, परिश्रम और सबको साथ लेकर चलने वाली हमारी पहचान ने व्यावसायिक निपुणता दी है। इकॉनमिक दृष्टि में दस साल पहले भारत की गिनती कहीं नहीं होती है। अब पीएम नरेंद्र मोदी के कमाल के चलते पांचवीं आर्थिक शक्ति बने हैं। इसमें उद्योगपतियों ने कंधे से कंधा मिलाया है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इस मार्ग की अनुकूलता और चुनौतियां भी हमें अब दिखाई दे रही हैं। चुनौतियों के भरोसे मेहनतकश हाथ मेहनत करते हैं पर मार्गदर्शन, टेक्नोलॉजी के योगदान से हमें दुनिया के देश देखेंगे। एमपी को इसी दृष्टिकोण से हम देख रहे हैं। इसके पहले एमपी के अफसरों ने अलग-अलग सेक्टर में प्रजेंटेशन दिया।
इसके पूर्व राउंडटेबल मीटिंग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) को स्थापित एवं विकसित करने के लिए हर संभव मदद और सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव बैंगलुरू में इन्वेस्ट मध्यप्रदेश रोड-शो के दौरान जीसीसी पर राउंडटेबल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने उद्योगपतियों और इन्वेस्टर्स को आश्वस्त किया कि बैंगलुरू जैसे टियर-1 शहर की सभी आवश्यकताएं एवं अनुकूलता प्रदेश के विभिन्न शहरों में विकसित की जाएगी। जीसीसी एवं उसके लिए आवश्यक सभी क्षेत्रों में समान रूप में अधोसंरचना और सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिससे कि प्रदेश के जीसीसी को स्थापित होने के लिए अनुकूल ईको-सिस्टम मिल सकें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि जीसीसी को प्रदेश में स्थापित करने के लिए उद्योगपतियों से लगातार संवाद का क्रम जारी रहेगा।
इनके बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर प्रदेश में निवेश के अवसरों पर उद्योगपतियों से संवाद सत्र में मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA), TiE ग्लोबल, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ELCINA) और एसोसिएशन आफ जियो स्पेशियल इंडस्ट्रीज (AGI) के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए।
Editorial

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