Marathi nameplate
मुंबई। मराठी नामफलक (Marathi nameplate) के नियम का पालन नहीं करनेवाले दुकानदारों के खिलाफ महानगरपालिका की ओर से कार्रवाई अभियान जारी है। 28 नवंबर 2023 से जुलाई 2024 तक की अवधि के दौरान की गई कार्रवाई के तहत पाया गया कि 94 हजार 903 दुकानदारों ने कानून के मुताबिक मराठी नामफलक नहीं लगाये हैं। इनमें से 91 हजार 515 दुकानदारों ने भूल-सुधार करते हुये मराठी नामफलक लगवा लिये जबकि बाकी दुकानदारों ने मनपा की चेतावनी को नजरंदाज किया। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ जुर्माना वसूली की कार्रवाई की गई। जुर्माना वसूली के तौर पर इन दुकानदारों से 1 करोड़ 35 लाख 60 हजार 500 रुपये की वसूली की गई है।
गौरतलब है कि दुकानों पर देवनागरी लिपी में बड़े अक्षरों में नामफलक लगाने का निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिये 25 नवंबर 2023 तक की मोहलत दी थी। मोहलत खत्म होने के बाद मुंबई मनपा ने 28 नवंबर 2023 से जांच और कार्रवाई अभियान शुरु किया था। मुंबई में करीबन पांच से सात लाख दुकाने और कारोबारी प्रतिष्ठान है। इनमें से दो लाख से ज्यादा दुकानों और प्रतिष्ठानों पर मराठी भाषा में नामफलक नहीं पाये गये थे। मुंबई मनपा ने हर वार्ड में दो के हिसाब से 24 वार्ड में 48 अधिकारी खास इसी जांच-पड़ताल काम के लिये नियुक्त किये थे। मराठी नामफलक नहीं पाये जाने पर प्रति श्रमिक दो हजार रुपये का जुर्माना या फिर अदालती कार्रवाई का प्रावधान कानून में किया गया है। इसी अनुसार नियम उल्लंघन करनेवाले दुकानदारों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
सारी जांच – पड़ताल के बाद मनपा की ओर से करीब 94 हजार 903 दुकानदारों को नामफलक बदलने के निर्देश दिये गये थे। इनमें से 91 हजार 515 दुकानदारों ने तो नाम फलक बदल लिये लेकिन करीब 3 हजार 388 दुकानदारों ने मनपा के निर्देश की अवहेलना की थी। इनके खिलाफ न्यायालय में मामले दाखिल किये गये। इनमें से एक हजार 95 मामलों में निर्णय आ गया है और उनसे 71 लाख 80 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है। 1 हजार 265 दुकानदारों ने मनपा से आपसी बातचीत कर समझौता कर मामला निपटाने के लिये अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इनमें से 686 मामलों में कुल 63 लाख 80 हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश मनपा ने पारित किये हैं। इसमें से 57 लाख 18 हजार रुपये जुर्माने के तौर पर मनपा की तिजोरी में जमा हो चुके हैं।
सबसे ज्यादा कार्रवाई भांडुप एस, प्रभादेवी, वरली जी दक्षिण, बांद्रा, खार एच पश्चिम, दादर – सायन जी उत्तर विभाग, ग्रांट रोड, डी विभाग, भायखला ई विभाग और परेल, लालबाग एफ दक्षिण विभाग में की गई है। हालांकि कार्रवाई के तहत मराठी नामफलक नहीं लगानेवालों से दो प्रतिशत अधिक जुर्माना वसूली की बात की जा रही थी लेकिन संबंधित कानून में ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं किया गया है। लेकिन कानूनी प्रावधान के अनुसार ही जुर्माना वसूला जा रहा है।
Editorial

Editorial

Next Story