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इस साल भी प्रॉपर्टी टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी नहीं
By EditorialPublished on
मुंबईकरों के लिये प्रॉपर्टी टैक्स (property tax) भुगतान के लिहाज से एक राहतभरी खबर है। बीएमसी इस साल भी प्रॉपर्टी टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी नहीं करने जा रही है। बीएमसी ने राज्य सरकार को सूचित किया है कि वह बिना किसी बदलाव या बढ़ोत्तरी के साल 2024-25 के लिये प्रॉपर्टी टैक्स के बिल जारी करना चाहती है।

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मुंबई। मुंबईकरों के लिये प्रॉपर्टी टैक्स (property tax) भुगतान के लिहाज से एक राहतभरी खबर है। बीएमसी इस साल भी प्रॉपर्टी टैक्स में कोई बढ़ोत्तरी नहीं करने जा रही है। बीएमसी ने राज्य सरकार को सूचित किया है कि वह बिना किसी बदलाव या बढ़ोत्तरी के साल 2024-25 के लिये प्रॉपर्टी टैक्स के बिल जारी करना चाहती है।
उल्लेखनीय है कि हर साल बीएमसी को अपने मनपा क्षेत्राधिकार के तहत करीब 9 लाख प्रॉपर्टीज से प्रॉपर्टीज टैक्स के तौर पर मोटी कमाई होती है। बीएमसी के पास हर पांच साल में प्रॉपर्टी टैक्स की दरों में बढोत्तरी करने का अधिकार है। पिछली बार साल 2015-16 में बीएमसी ने प्रॉपर्टी टैक्स की दरों में वृद्धि की थी। इस लिहाज से साल 2020-21 में एक बार फिर नियमानुसार दर वृद्धि अपेक्षित थी। लेकिन उस वर्ष कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। साल 2022 में भी कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई थी क्योंकि महामारी के बुरे असर के चलते आम आदमी और अर्थव्यवस्था दोनों की हालत खराब थी। अब इस साल प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धि लगभग तय नजर आ रही थी लेकिन बीएमसी ने इस साल ऐसा करने से मना कर दिया है। अगर अगले साल प्रॉपर्टी टैक्स की दरों में वृद्धि होती है तो यह एक दशक बाद की गई दर वृद्धि होगी। यानी पिछले दस साल से मुंबईकरों के लिये प्रॉपर्टी टैक्स की दरों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। प्रॉपर्टी टैक्स के लिहाज से यह काफी राहतभरी बात है।
दरअसल अभी मनपा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और चुनाव नहीं हो पाये हैं। ऐसे में चयनित नगरसेवकों की गैरमौजूदगी के चलते मनपा को प्रॉपर्टी टैक्स में किसी भी बढ़ोत्तरी के लिये राज्य सरकार से मंजूरी लेना जरूरी है।
बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा वक्त में प्रॉपर्टी टैक्स, स्टैम्प ड्यूटी रेडी रेकनर दरों पर आधारित है जो प्रॉपर्टी की बुनियादी कीमत तय करती है। साल 2015-16 से इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मनपा की राय में अगर इस साल बढ़ोत्तरी की गई तो अगले साल फिर पांच साल नियमानुसार बढ़ोत्तरी करनी होगी। लगातार दो साल लोगों पर प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ोत्तरी का बोझ डालना व्यावहारिक नहीं रहेगा। मौजूदा वक्त में प्रॉपर्टी टैक्स मनपा की कमाई का सबसे बड़ा जरिया है। साल 2017 तक मनपा को सबसे ज्यादा कमाई ऑक्ट्राय के जरिये होती थी। लेकिन साल 2017 में ऑक्ट्राय खत्म कर दिया गया और इसके बजाये वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हो गया था। इससे मनपा की कमाई का सबसे बड़ा जरिये ही खत्म हो गया था। बीएमसी ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिये 4500 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य रखा था। अब तक बीएमसी ने 4856 करोड़ रुपये वसूल किये हैं। पिछली बार बीएमसी बजट 2023-24 में मनपा आयुक्त ने प्रॉपर्टी टैक्स के तौर पर 6 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य पहले तय किया गया ता जिसे बाद में संशोधित कर 4500 करोड़ रुपये कर दिया गया था।

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