Maharashtra politics
मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Vidhansabha elections) से पहले यहां की सियासत और भी ज्यादा गरमा गई है। पिछले एक सप्ताह से महाराष्ट्र (Maharashtra) के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के बीच चल रहा कोल्ड वार आरोप-प्रत्यारोप से हटकर होर्डिंग बाजी में बदल गया है। दोनों नेताओं को लेकर नागपुर में एक होर्डिंग लगाई गई है।
जेल के शिकंजे में दिखाए गए अनिल देशमुख
महाराष्ट्र में लगी इस होर्डिंग में डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस को 'विकास वृत्ति' और अनिल देशमुख को 'वसूली बुद्धि' बताया गया है। इस होर्डिंग में दोनों ही नेताओं की बड़ी सी फोटो लगाई गई है। तस्वीर में अनिल देशमुख को जेल के शिकंजे के बीच दिखाया गया है। होर्डिंग में सबसे नीचे भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा नागपुर लिखा हुआ है।
एनसीपी के नेताओं ने होर्डिंग को लेकर की शिकायत
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के व होर्डिंग के एजेंसी के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है। जैसे-जैसे महाराष्ट्र का विधानसभा का चुनाव नजदीक आता जा रहा है, अनिल देशमुख और देवेंद्र फडणवीस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर बढ़ता जा रहा है। अनिल देशमुख एवं देवेंद्र फडणवीस के बीच का वाक युद्ध खत्म नहीं हो रहा है।
देशमुख का दावा, आयोग दे चुका क्लीन चिट
बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वझे के पत्र के बाद अब अनिल देशमुख ने चांदीवाल आयोग की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की चुनौती दी है। देशमुख का दावा है कि आयोग उन्हें क्लीन चिट दे चुका है। इसलिए देवेंद्र फडणवीस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं।
फडणवीस ने अनिल देशमुख पर साधा निशाना
इस मामले में डिप्टी सीएम फडणवीस ने कहा कि चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट महाविकास अघाडी की काल अवधि में सौंपी गई थी। अघाडी ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की है? उन्होंने इसकी घोषणा क्यों नहीं की है? इसके साथ ही फडणवीस ने कहा कि परमवीर सिंह को अघाडी ने पुलिस आयुक्त पद पर नियुक्त किया था। जब अनिल देशमुख खुद राज्य में गृह मंत्री थे, तब परम सिंह ने उन पर आरोप लगाया था। क्या यह संभव है कि कोई पुलिस आयुक्त विपक्षी दल के इशारे पर आरोप लगाएगा? उसे अपनी नौकरी की परवाह है या नहीं। इसलिए अनिल देशमुख मनगढ़ंत बातें कर रहे हैं। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
फडणवीस के बचाव में बीजेपी के कई नेता कूदे
बता दें कि अनिल देशमुख द्वारा महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर आरोप लगाने पर भारतीय जनता पार्टी के तमाम नेता इस लड़ाई में कूद गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अनिल देशमुख को फडणवीस पर आरोप लगाने की बजाय खुद को नार्को टेस्ट के लिए तैयार घोषित करना चाहिए। अगर सचिन वझे झूठ बोल रहे हैं तो नार्को टेस्ट के जरिए जनता को सच्चाई का पता चलने दिया जाए। मालूम हो कि बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वझे ने देशमुख पर पीए के जरिए रिश्वत लेने और सीबीआई के पास सबूत होने का दावा किया था।
Editorial

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