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सेल्फी लेने के चक्कर में 100 फीट गहरी खाई में गिरी युवती…
By EditorialPublished on
Selfie mishap - महाराष्ट्र के सतारा जिले में बारिश के बीच सुहाने मौसम का लुफ्त उठाने बोरने घाट पहुंची युवती को लापरवाही महंगी पड़ गई। बताया जा रहा है कि सेल्फी लेने के दौरान लड़की का पैर फिसल गया और वह 100 फीट से ज्यादा गहरी घाटी में गिर गई।

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मुंबई। महाराष्ट्र के सतारा जिले में बारिश के बीच सुहाने मौसम का लुफ्त उठाने बोरने घाट पहुंची युवती को लापरवाही महंगी पड़ गई। बताया जा रहा है कि सेल्फी लेने के दौरान लड़की का पैर फिसल गया और वह 100 फीट से ज्यादा गहरी घाटी में गिर गई। सौभाग्य से लड़की बच गई और उसे खाई से बाहर निकाल लिया गया है जानकारी के मुताबिक, पांच लड़के और तीन लड़कियों का समूह घूमने के लिए बोरने घाट गया था। तभी 29 वर्षीय युवती सेल्फी लेने के दौरान फिसलकर सीधे खाई में जा गिरी। लड़की के रेस्क्यू का भी वीडियो सामने आया है। युवती को घाटी से बाहर निकालने के लिए बचाव कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। युवती को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
पुणे के वारजे से नसरीन अमीर कुरेशी (29 वर्ष) अपने परिचितों के साथ कार से सतारा के संगमनगर आई थीं। सभी घूमते-घूमते ठोसेघर पहुंच गये। लेकिन ठोसेघर का झरना बंद था। बाद में जब वे बोरने घाट पहुंचे, तो सभी लोग कार से बाहर निकलकर तस्वीरें लेने लगे। इस दौरान सेल्फी लेने के चक्कर में नसरीन का अचानक संतुलन बिगड़ गया। वह सौ फीट गहरी खाई में गिर गई और एक पेड़ पर अटक गयी। इससे उसकी जान बच गयी।
वैतरणा झील भारी बारिश के कारण उफान पर
मुंबई। भारी बारिश के चलते पानी की आपूर्ति करने वाली एक और झील, मध्य वैतरणा झील, रविवार को ओवरफ्लो होने लगी। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) द्वारा प्रबंधित जलाशय महानगर के लिए पीने के पानी के सात स्रोतों में से एक है। बीएमसी के जल इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार है 4 अगस्त, 2024 को सुबह 2.45 बजे तक, वैतरणा जलाशय` पूरी क्षमता पर पहुँच गया है। यह इस मानसून के मौसम में पूरी तरह से भरने वाला पाँचवाँ जलाशय है। इसके बाद, जलाशय के दो गेट खोले गए हैं, जिससे 706.30 क्यूसेक की दर से पानी छोड़ा जा रहा है।
इससे पहले, पिछले महीने तुलसी, विहार, मोदक सागर और तानसा झीलें ओवरफ्लो होने लगी थीं। मध्य वैतरणा झील के भर जाने के बाद, सात में से पाँच जलाशय बीएमसी को पानी की आपूर्ति करते हैं। जलग्रहण क्षेत्र में हाल ही में हुई भारी बारिश ने इन जलाशयों में जल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि की है। मध्य वैतरणा झील, जो आधी रात को भर गई थी, की अधिकतम जल संग्रहण क्षमता 193,530 मिलियन लीटर (19,353 करोड़ लीटर) है। बृहन्मुंबई नगर निगम ने पालघर जिले के मोखदा तालुक में केंद्रीय वैतरणा बांध का निर्माण 2014 में पूरा किया था। 102.4 मीटर ऊंचे और 565 मीटर लंबे इस बांध का निर्माण रिकॉर्ड समय में किया गया था ।
मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सात बांधों की संयुक्त अधिकतम जल संग्रहण क्षमता 1,44,736.3 करोड़ लीटर (14,47,363 मिलियन लीटर) है। गणना के अनुसार, इन जलाशयों में सामूहिक रूप से उनकी कुल क्षमता का 89.10 प्रतिशत जल है।

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